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Tuesday, March 26, 2019

लोकसभा में गुना से ज्योतिरादित्य तो संभवत: ग्वालियर से यशोधरा हो सकती हैं उम्मीदवार!



-राम यादव-
शिवपुरी। लोकसभा चुनावों को लेकर इन दिनों भाजपा-कांग्रेस दोनों दलों के लिए गुना और ग्वालियर लोकसभा में प्रत्याशी चयन बड़ी टेढ़ी खीर साबित हो रही है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के चुनाव लडऩे की बात सामने आई तो कहा गया कि वह किसी कठिन सीट से लड़े ऐसे में इस चुनौती को स्वयं दिग्विजय ने स्वीकार किया और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस बयान का समर्थन करते हुए इसे आगे बढ़ाया। इस पर कांग्रेस पार्टी ने तीन दशकों से अपराजेय मानी जाने वाली भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया तो वहीं अब चर्चा होने लगी है कि सांसद सिंधिया भी किसी कठिन सीट से चुनाव लड़े लेकिन यह तभी संभव है जब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी परंपरागत गुना-शिवपुरी अथवा ग्वालियर लोकसभा को छोड़े लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि सिंधिया परिवार का गढ़ गुना-शिवपुरी और ग्वालियर लोकसभा को ही माना जाता है। ऐसे में एक ओर जहां  गुना-शिवपुरी से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर से उम्मीदवार होंगें यह इसलिए क्योंकि वर्तमान हालातों में सांसद सिंधिया द्वारा लगातार अपने दौरे कर कार्यकर्ताओं की पोलिंग बूथ बैठकें ली जा रही है और वह अपने कार्यकर्ताओं से अपने मन की बात कहकर बड़ी जीत को लेकर कार्यकर्ताओं से कार्य करने की कह रहे है। वहीं ग्वालियर सीट पर भले ही नाम प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को चल रहा हो तो वहीं भाजपा की ओर से अब वर्तमान शिवपुरीर विधायक यशोधरा राजे सिंधिया को लोकसभा ग्वालियर चुनाव लड़ाने की चर्चाऐं भी सिर उठाने लगी है। संभव है कि महल के दो प्रतिनिधि कांग्रेस से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी से तो भाजपा की यशोधरा राजे सिंधिया ग्वालियर लोकसभा चुनाव लड़ सकती है। बता दे कि ग्वालियर लोकसभा के लिए भाजपा से अनूप मिश्रा, जयभान सिंह पवैया और महापौर विवेकनारारयण शेजवलकर का नाम भी चर्चाओं में है। ऐसे में भाजपा की ओर से गुना-शिवपुरी के लिए कोई सटीक प्रत्याशी नजर नहीं आ रहा और यदि नामों की चर्चाऐं कररें तो यहां पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती और वर्तमान कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी का नाम चर्चाओं में चल रहा है। यदि  लोकसभा चुनाव में भाजपा को संसदीय क्षेत्र ग्वालियर और गुना की बात हो तो संभवत:  यहां रोचक मुकाबला होना तय है। वहीं लोकसभा में ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया के उम्मीदवार होने से यहां कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह यादव का नाम चर्चाओं में चल रहा है। 
बना रहेगा महल का दबदबा
यहां बताना होगा कि यदि लोकसभा चुनाव में गुना-शिवपुरी से संासद ज्योतिरतादित्य सिंधिया और ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया चुनाव में विजय भी हो जाते है तब भी महल का दबदबा बना रहेगा। एक ओर जहां गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया तो वहीं शिवपुरी विधायक के रूप में सीट खाली होने पर प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को उम्मीदवार बनाकर उन्हें भी राजनीति में लाए जाने का सपना पूरा हो सकता है। वर्तमान हालातों में चल लोकसभा के लिए चल रहे प्रियदर्शिनी को लेकर कयास लगाए जा रहे है कि लोकसभा में शिवपुरी विधानसभा सीट खाली होने पर वहां से प्रियदर्शिनी को उम्मीदवार बनाकर महल की साख बनी रहे और इसी प्रकार से गुना, ग्वालियर और शिवपुरी क्षेत्र सिंधिया परिवार के बीच ही बना रहेगा। हालांकि अभी परिणाम आना शेष है लेकिन चर्चाओं के अनुसार इस तरह के कयास भी आमजन के बीच लगाए जा रहे है। 

लोकसभा को लेकर उम्मीदवारों का टोटा
भाजपा के लिए गुना-शिवपुरी और ग्वालियर ऐसी दो सीटें है जहां प्रत्याशी चयन भाजपा के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जहां एक ओर वर्तमान सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर को ग्वालियर सीट से हटाकर उन्हे मुरैना-श्योपुर का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है और अब ग्वालियर लोकसभा के लिए यदि कांग्रेस से प्रियदर्शनी उम्मीदवार हुई तो भाजपा के प्रत्याशी के रूप में अनेकों नाम है लेकिन जिताऊ उम्मीदवार कहीं दूर तक नजर नहीं आ रहा जबकि यशोधरा के उम्मीदवार होने से भाजपा के लिए राहत देने वाली खबर होगी। तो वहीं दूसर ओर गुना-शिवपुरी जो सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जो कि परंपरागत रूप से अपना कब्जा जमाए हुए है उन्हें दूर करने के लिए भी भाजपा के लिए कोई ऐसा प्रत्याशाी नजर नहीं आ रहा जो गुना-शिवपुरी के चुनाव में उलटफेर कर सके। हालांकि यहां पार्टी को किसी सशक्त उम्मीदवार को उतारने की आवश्यकता है लेकिन जो नाम चर्चाओं में चल रहे है उनमें उमा भारती ही ऐसा चेहरा है जो उलटफेर कर सकता हैलेकिन उमा भारती ने भी चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया है और वह अब 2024 में चुनाव लड़ेंगी। लेकिन वर्तमान हालातों में क्या किया जाए...। 

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