आर्य समाज मंदिर में प्रारंभ हुई पांच दिवसीय श्रीवेदकथा
शिवपुरी- मनुष्य को जीवन में शुभ कर्म करते रहना चाहिए क्योंकि बुरे वक्त में उसके यही शुभ कर्म ही सहायक होकर उसे बचाते हैं उसकी रक्षा करते हैं और मनुष्य जितने जितने शुभ कर्म करता जाता है उतना उतना ही वह ईश्वर के समीप होता चला जाता है और पुण्य कर्मों को करते हुए यदि आपकी कोई शपथ कोई प्रतिज्ञा कोई जिद्द यदि राष्ट्रहित, समाज हित के आड़े आ रही हो तो राष्ट्रहित के लिए समाजहित के लिए उस शपथ को प्रतिज्ञा को, जिद्द को छोड़कर दूसरों के हित के बारे में सोचना चाहिए। मनुष्य जीवन के कर्मों को लेकर यह आर्शीवचन दिए प्रसिद्ध वेदकथा वाचक दीदी अंजलि आर्या ने जो स्थानीय आर्य समाज मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय श्रीवेदकथा के माध्यम से उपस्थित आर्यजनों को मनुष्य कर्मों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान कर रहीं थी। इस दौरान दीदी अंजलि आर्या का स्वागत प्रदेश प्रतिनिधि आर्य सभा इन्द्रप्रकाश गांधी के द्वारा किया गया इसके पूर्व यज्ञ व कथा यजमान हेमन्त-श्रीमती लीना नागपाल परिवार के द्वारा दीदी अंजलि आर्या की आगवानी की गई। दीदी अंजलि आर्या ने सर्वप्रथम श्रीवेदकथा के आयोजन को लेकर उसके महत्व पर प्रकाश डाला और कथा आयोजन से उसके लाभ व प्राणी मात्र के कल्याण को लेकर कथा वृतान्त के बारे में बताया। इस दौरान दीदी अंजलि आर्या के द्वारा आर्शीवचनों में महाभारत युद्ध का दृष्टांत देकर बताया कि श्रीकृष्ण जी के कहने पर राष्ट्रहित के लिए द्रोपती ने अपनी जिद्द छोड़ दी, युधिष्ठिर ने भीम ने अपनी जिद्द छोड़ दी लेकिन दुर्योधन अपनी जिद्द नही छोड़ पाया और उसका परिणाम आज तक भारतवर्ष भुगत रहा है। श्रीवेदकथा के माध्यम से जन-जन तक वेदों की वाणी पहुंचाई जाए इसे लेकर स्थानीय आर्य समाज मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुजन वेदकथा सहित प्रतिदिन यज्ञ करने की विधियों को जान सकेंगें। आर्य समाज से जुड़े हेमंत-श्रीमती लीना नागपाल परिवार के द्वारा 10 से 13 मार्च तक स्थानीय आर्य समाज मंदिर परिसर में प्रात: 8 से 10:30 बजे एवं रात्रि 8 से 10 बजे तक अतिथि यज्ञ वैदिक प्रवक्ता दीदी अंजली आर्य की ओजस्वी वाणी द्वारा श्रीवेद कथा के रूप में आयोजन किया गया है।
आज लगेगा रक्तदान शिविर
आर्य समाज मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय श्रीवेदकथा के साथ-साथ कथा यजमान हेमन्त-श्रीमती लीना नागपाल परिवार के द्वारा एक दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन भी वेदकथा स्थल आर्य समाज मंदिर परिसर में प्रात: 11 बजे से किया जा रहा है। रक्तदाताओं सहित आर्य प्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि जिला चिकित्सालय के रक्तकोष की पूर्ति हेतु रक्तदान अवश्य करें और रक्तदाता जो भी रक्तदान करना चाहे वह इस शिविर के माध्यम से रक्तदान कर अपना अहम योगदान दे सकते है।
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