साप्ताहित कार्यशाला की आठवीं कड़ी में आत्मजागरूकता, संवेदनशीलता और रिश्तों की गहराई पर हुआ संवादशिवपुरी। लगातार जिम्मेदारियों और चुनौतियों के बीच कुछ पल स्वयं के लिए ठहरना, अपने भीतर झांकना और रिश्तों को नए नजरिए से समझना-इसी उद्देश्य के साथ पुलिस विभाग में 'अल्पविरामÓ परिचय कार्यशालाओं की श्रृंखला आगे बढ़ रही है। कार्यशाला की जानकारी देते हुए मास्टर ट्रेनर साकेत पुरोहित ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशन एवं जिला पुलिस अधीक्षक के समन्वय से हर शनिवार आयोजित की जा रही इस पहल की आठवीं कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला का शुभारंभ जिला संपर्क व्यक्ति अभय कुमार जैन ने आनापान ध्यान के साथ कराया। प्रतिभागियों ने कुछ समय शांत होकर स्वयं पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे पूरे सत्र के लिए एक सहज और आत्मीय वातावरण बना।
इसके बाद प्रीति तिवारी ने समस्या और समाधान पर केंद्रित सत्र में प्रतिभागियों को परिस्थितियों को केवल समस्या के रूप में देखने के बजाय उनके समाधान की दिशा में पहल करने के लिए प्रेरित किया। संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों और दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार साझा किए। अगले सत्र में आनंदम सहयोगी प्रियांशु भार्गव ने 'रिश्ते में आनंदÓ विषय पर संवाद किया। उन्होंने जीवन में रिश्तों के महत्व, उन्हें सहजने-संवारने और उनमें आपसी समझ व अपनापन बनाए रखने पर प्रतिभागियों से बातचीत की। सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों के माध्यम से रिश्तों को बेहतर बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया। कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने पूरे सत्र के दौरान हुए अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 'अल्पविरामÓ के माध्यम से स्वयं को देखने, अपनी भावनाओं को समझने और रिश्तों को नए नजरिए से महसूस करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने इस पहल को व्यस्त कार्यदायित्वों के बीच स्वयं से जुडऩे का सार्थक अवसर बताया।



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