नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है व्यापक असरशिवपुरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर 2 जून 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के बैनर तले जिलेभर के कर्मचारी आंदोलनरत हैं। हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों ने अग्रसेन चौक पर धरना-प्रदर्शन करते हुए आमजन को ठंडा पेयजल वितरित कर जनसेवा का संदेश दिया और अपने आंदोलन के प्रति जनसमर्थन जुटाने का प्रयास किया।
वहीं कर्मचारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए शासन से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग दोहराई। धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ के जिलाध्यक्ष शेर सिंह रावत ने बताया कि हम वर्षों से नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करने, एनपीएस, महंगाई भत्ता, समान कार्य-समान वेतन, नौकरी की सुरक्षा तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। यहां बता दें कि हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी अप्रेजल संबंधी आदेशों की सांकेतिक प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
हड़ताल से पूर्व कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ज्ञापन सौंपकर शासन तक अपनी मांगें पहुंचाने की अपील की थी। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 2 जून से जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की गई, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
हड़ताल से पूर्व कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ज्ञापन सौंपकर शासन तक अपनी मांगें पहुंचाने की अपील की थी। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 2 जून से जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की गई, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।


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