शिवपुरी। मुख्यमंत्री के मंशानुसार प्रदेश भर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 शिवपुरी जिले में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में यह अभियान अब एक सरकारी औपचारिकता से ऊपर उठकर व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। जिले की पारंपरिक जल संरचनाओं को सहेजने के लिए प्रशासन और आम जनता कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे हैं।प्रशासनिक सक्रियता और धरातल पर क्रियान्वयन
कलेक्टर अर्पित वर्मा के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा शहर के ऐतिहासिक कुओं, बावडिय़ों और तालाबों को नया जीवन देने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर पालिका सीएमओ इशांक धाकड़ स्वयं जमीनी स्तर पर उतरकर गहरीकरण और साफ-सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासनिक सक्रियता के चलते कार्यों में न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि आम नागरिकों का मनोबल भी बढ़ा है।
जल सुरक्षा और भू-जल स्तर पर विशेष ध्यान
अभियान का मुख्य लक्ष्य गिरते भू-जल स्तर को थामना और आने वाली पीढयि़ों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की पुरानी जल संरचनाओं का वैज्ञानिक पद्धति से गहरीकरण किया जा रहा है। नगर पालिका की टीमें सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जलाशयों का कायाकल्प कर रही हैं। साथ ही, सीएमओ इशांक धाकड़ के नेतृत्व में वार्ड स्तर पर नागरिकों को वर्षा जल संचयन के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है।
अभियान का मुख्य लक्ष्य गिरते भू-जल स्तर को थामना और आने वाली पीढयि़ों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की पुरानी जल संरचनाओं का वैज्ञानिक पद्धति से गहरीकरण किया जा रहा है। नगर पालिका की टीमें सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जलाशयों का कायाकल्प कर रही हैं। साथ ही, सीएमओ इशांक धाकड़ के नेतृत्व में वार्ड स्तर पर नागरिकों को वर्षा जल संचयन के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है।
जन-भागीदारी और श्रमदान की लहर
प्रशासन के प्रयासों का परिणाम है कि अब लोग स्वयं आगे आकर श्रमदान कर रहे हैं। जिले में 30 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष महाभियान के तहत प्रतिदिन विभिन्न स्थानों पर जल संरक्षण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि जल बचाएं, कल बचाएं का संकल्प साकार हो सके।
प्रशासन के प्रयासों का परिणाम है कि अब लोग स्वयं आगे आकर श्रमदान कर रहे हैं। जिले में 30 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष महाभियान के तहत प्रतिदिन विभिन्न स्थानों पर जल संरक्षण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि जल बचाएं, कल बचाएं का संकल्प साकार हो सके।

No comments:
Post a Comment