अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा का सुदामा चरित के साथ आज होगा समापन, कल पूर्णाहुति एवं भण्डारे का आयोजन
शिवपुरी-जब-जब प्रभु के भक्तों पर कोई कष्ट पड़ा, वह दु:ख में रहा और उसने अंर्तमन से प्रभु को स्मरण किया तो वह प्राणी भव सागर के पार होकर प्रभु के द्वार पहुंचता है और इसी प्रकार की कृपा गोवर्धन पूजा के रूप में हुई जिसके चलते प्रतिवर्ष दीप पर्व दीपावली के अगले दिन घर-घर गोवर्धन पूजा जाता है और भगवान की पूजा कर उसका प्रसाद समस्त प्राणियों को दिया जाता है इसका भाव यह है कि भगवान स्वयं मनुष्य को यह बताते है कि कहां ईश्वर का वास है ओर किस प्रकार से वह उनका पूजन कर अपने सद्कर्मों की गति को ईश्वर के अधीन कर सकता है। भगवान गोवर्धन की यह पूजा अर्चना और उसका महत्व बताया प्रसिद्ध श्रीमद् भागवत कथा मर्मज्ञ डॉ.गिरीश जी महाराज ने जो स्थानीय शहर से 8 किमी दूर प्राचीन श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर पर आयोजित अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा के छठवें प्रसंग में आज गोवर्धन पूजा कथा श्रवण करा रहे थे। कथा का समापन आज 11 फरवरी को सुदामा चरित पाठ के साथ होगा जिसमें मित्रता और मित्र के भाव को समझकर किस प्रकार से प्रभु ने बैंकुठ त्यागकर अपने मित्र को गले लगाया वह आज के संसार में मनुष्य किस प्रकार से मित्रता और उसे निभाऐं कथा का वृतान्त श्रवण कराया जाएगा। इसके बाद कथा के अगले दिन 12 फरवरी को हवन-पुर्णाहुति एवं भण्डारे का आयोजन किया जाएगा। कथा से पूर्व बांकड़े मंदिर के महंत आचार्य गिरिराज जी महाराज द्वारा कथा यजमान श्रीमती गायत्री-रामकुमार शर्मा द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कराई गई तत्पश्चात कथा अपने अगले चरण की ओर पहुंची। कथा आयोजक श्री बांकड़े बिहारी भागवत सेवा समिति एवं श्रीबांकड़े बिहारी शिक्षा एवं विकास समिति शिवपुरी के तत्वाधान में इस आयोजन में धर्मलाभ प्राप्त करने वाले सैकड़ों धर्मप्रेमीजन भी शामिल है जो भगवान की विभिन्न लीलाओं के स्वरूप बनकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है इनमें आर.एन.सिंह, कृपाल सिंह तोमर, सुरेश दुबे, पूर्व विधायक माखन लाल राठौर, सुरेश अग्रवाल, मोहन गर्ग, सूबेदार सिंह कुशवाह मुन्नाराजा, मुकेश सिंह चौहान, रोहिणी अवस्थी, ज्ञानेश माथुर, गजेन्द्र सिंह किरार, विजय गुप्ता, जगदीश राठौर, राकेश गुप्ता, केशव सिंह तोमर, रमेश श्रीवास्तव, आदि भी कथा में विभिन्न प्रसंगों के यजमान बनकर पुण्यलाभार्थी बने है। कथा का सीधा प्रसारण आस्था भजन चैनल के माध्यम से भी प्रसारित किया जा रहा है जो सभी श्रद्धालुजन कथा स्थल पर ना पहुंच सके वह घर बैठकर भी सीधे प्रसारण के माध्यम से श्रीमद् भागवत कथा का धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
शिवपुरी-जब-जब प्रभु के भक्तों पर कोई कष्ट पड़ा, वह दु:ख में रहा और उसने अंर्तमन से प्रभु को स्मरण किया तो वह प्राणी भव सागर के पार होकर प्रभु के द्वार पहुंचता है और इसी प्रकार की कृपा गोवर्धन पूजा के रूप में हुई जिसके चलते प्रतिवर्ष दीप पर्व दीपावली के अगले दिन घर-घर गोवर्धन पूजा जाता है और भगवान की पूजा कर उसका प्रसाद समस्त प्राणियों को दिया जाता है इसका भाव यह है कि भगवान स्वयं मनुष्य को यह बताते है कि कहां ईश्वर का वास है ओर किस प्रकार से वह उनका पूजन कर अपने सद्कर्मों की गति को ईश्वर के अधीन कर सकता है। भगवान गोवर्धन की यह पूजा अर्चना और उसका महत्व बताया प्रसिद्ध श्रीमद् भागवत कथा मर्मज्ञ डॉ.गिरीश जी महाराज ने जो स्थानीय शहर से 8 किमी दूर प्राचीन श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर पर आयोजित अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा के छठवें प्रसंग में आज गोवर्धन पूजा कथा श्रवण करा रहे थे। कथा का समापन आज 11 फरवरी को सुदामा चरित पाठ के साथ होगा जिसमें मित्रता और मित्र के भाव को समझकर किस प्रकार से प्रभु ने बैंकुठ त्यागकर अपने मित्र को गले लगाया वह आज के संसार में मनुष्य किस प्रकार से मित्रता और उसे निभाऐं कथा का वृतान्त श्रवण कराया जाएगा। इसके बाद कथा के अगले दिन 12 फरवरी को हवन-पुर्णाहुति एवं भण्डारे का आयोजन किया जाएगा। कथा से पूर्व बांकड़े मंदिर के महंत आचार्य गिरिराज जी महाराज द्वारा कथा यजमान श्रीमती गायत्री-रामकुमार शर्मा द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कराई गई तत्पश्चात कथा अपने अगले चरण की ओर पहुंची। कथा आयोजक श्री बांकड़े बिहारी भागवत सेवा समिति एवं श्रीबांकड़े बिहारी शिक्षा एवं विकास समिति शिवपुरी के तत्वाधान में इस आयोजन में धर्मलाभ प्राप्त करने वाले सैकड़ों धर्मप्रेमीजन भी शामिल है जो भगवान की विभिन्न लीलाओं के स्वरूप बनकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है इनमें आर.एन.सिंह, कृपाल सिंह तोमर, सुरेश दुबे, पूर्व विधायक माखन लाल राठौर, सुरेश अग्रवाल, मोहन गर्ग, सूबेदार सिंह कुशवाह मुन्नाराजा, मुकेश सिंह चौहान, रोहिणी अवस्थी, ज्ञानेश माथुर, गजेन्द्र सिंह किरार, विजय गुप्ता, जगदीश राठौर, राकेश गुप्ता, केशव सिंह तोमर, रमेश श्रीवास्तव, आदि भी कथा में विभिन्न प्रसंगों के यजमान बनकर पुण्यलाभार्थी बने है। कथा का सीधा प्रसारण आस्था भजन चैनल के माध्यम से भी प्रसारित किया जा रहा है जो सभी श्रद्धालुजन कथा स्थल पर ना पहुंच सके वह घर बैठकर भी सीधे प्रसारण के माध्यम से श्रीमद् भागवत कथा का धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।

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