श्रीमंशापूर्ण हुनमान मंदिर में जन्मे श्रीकृष्ण, उत्साह से मना जन्मोत्सव
शिवपुरी-'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...Ó हाथी घोड़ा पालकी... जय कन्हैया लाल की... यह जयघोष और प्रभु का स्मरण किया गया स्थानीय श्रीमंशापूर्ण हनुमान मंदिर परिसर में जहां राठौर परिवार द्वारा आयेाजित श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य पं.प्रहलाद जी महाराज द्वारा व्यासपीठ से भगवान श्रीकृष्ण जन्म कथा का वृतान्त श्रवण कराया गया। इस अवसर पर राठौर परिवार के मुख्य यजमान सपत्निक एक अबोध बालक को सिर पर टोकरी में रखते हुए भगवान स्वरूप के दर्शन समस्त श्रद्धालुजनों को कराया और प्रभु के दर्शन और आर्शीवाद के आकांक्षी धर्मप्रेमीजनों ने जयकारे के साथ भगवान का जन्मोत्सव उत्साह से मनाया गया। इस दौरान श्री मंशापूर्ण हनुमान जी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध विद्वान आचार्य प्रहलाद जी महाराज ने कथा की चतुर्थ दिवस के अवसर पर राम जन्म और कृष्ण जन्म का बड़े ही भक्ति भाव से महिमापुर वर्णन किया और उन्होंने भक्तों को बताया कि जिस दिन हमारा मन दशरथ बन जाएगा और आत्मा कौशल्या उसी दिन हमारे हृदय रूपी अयोध्या में भगवान राम का प्राकट्य हो जाएगा। आचार्य श्री प्रहलाद के अनुसार उसी प्रकार से भक्ति यशोदा हो जाए, ज्ञान नंदबाबा हो जाए तो हमारे मन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का अवतार हो सकता है। आचार्यश्री के इन उद्बोधनों को सुन कथाप्रेमी भावविभोर हो गए और प्रभु जन्म के आसक्त होकर उत्साह के साथ श्रीकृष्ण जन्म में नाचते-गाते हुए प्रभु भक्ति करते हुए नजर आए। कथा के अगले क्रम में मंगलवार को कथा में माखन चोरी लीला एवं श्री गोवर्धन पूजा की कथा को श्रवण कराया जाएगा। समस्त धर्मप्रेमीजनों से कथा स्थल श्रीमंशापूर्ण हनुमान मंदिर पहुंचकर सपरिवार धर्मलाभ लेने की अपील आयोजक राठौर परिवारा द्वारा की गई है।
शिवपुरी-'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...Ó हाथी घोड़ा पालकी... जय कन्हैया लाल की... यह जयघोष और प्रभु का स्मरण किया गया स्थानीय श्रीमंशापूर्ण हनुमान मंदिर परिसर में जहां राठौर परिवार द्वारा आयेाजित श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य पं.प्रहलाद जी महाराज द्वारा व्यासपीठ से भगवान श्रीकृष्ण जन्म कथा का वृतान्त श्रवण कराया गया। इस अवसर पर राठौर परिवार के मुख्य यजमान सपत्निक एक अबोध बालक को सिर पर टोकरी में रखते हुए भगवान स्वरूप के दर्शन समस्त श्रद्धालुजनों को कराया और प्रभु के दर्शन और आर्शीवाद के आकांक्षी धर्मप्रेमीजनों ने जयकारे के साथ भगवान का जन्मोत्सव उत्साह से मनाया गया। इस दौरान श्री मंशापूर्ण हनुमान जी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध विद्वान आचार्य प्रहलाद जी महाराज ने कथा की चतुर्थ दिवस के अवसर पर राम जन्म और कृष्ण जन्म का बड़े ही भक्ति भाव से महिमापुर वर्णन किया और उन्होंने भक्तों को बताया कि जिस दिन हमारा मन दशरथ बन जाएगा और आत्मा कौशल्या उसी दिन हमारे हृदय रूपी अयोध्या में भगवान राम का प्राकट्य हो जाएगा। आचार्य श्री प्रहलाद के अनुसार उसी प्रकार से भक्ति यशोदा हो जाए, ज्ञान नंदबाबा हो जाए तो हमारे मन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का अवतार हो सकता है। आचार्यश्री के इन उद्बोधनों को सुन कथाप्रेमी भावविभोर हो गए और प्रभु जन्म के आसक्त होकर उत्साह के साथ श्रीकृष्ण जन्म में नाचते-गाते हुए प्रभु भक्ति करते हुए नजर आए। कथा के अगले क्रम में मंगलवार को कथा में माखन चोरी लीला एवं श्री गोवर्धन पूजा की कथा को श्रवण कराया जाएगा। समस्त धर्मप्रेमीजनों से कथा स्थल श्रीमंशापूर्ण हनुमान मंदिर पहुंचकर सपरिवार धर्मलाभ लेने की अपील आयोजक राठौर परिवारा द्वारा की गई है।

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