सागर। न्यायालय- श्रीमान विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) रहली, जिला सागर के न्यायालय ने आरोपी विजय पिता धनीराम काछी उम्र 35 वर्ष निवासी अंतर्गत तहसील व थाना गढ़ाकोटा, जिला सागर का जमानत आवेदन निरस्त करने का आदेश दिया गया। जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आशीष त्रिपाठी ने शासन का पक्ष रखा।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 01.04.2022 को सुबह 11 बजे अभियोक्त्री अपने स्कूल गई थी। करीब 20 मिनट बाद वह वापस आई तथा अपनी दादी को बताया कि स्कूल जाते समय वह जब अभियुक्त विजय काछी के घर के सामने पहुंची उस समय अभियुक्त अपने घर के सामने खड़ा था जिसने गंदी नीयत से हाथ पकड़ लिया और गंदी गंदी बातें कहने लगा। पीड़िता अपना स्कूल बैग वहीं फेंककर हाथ झटककर भाग आई। पीड़िता की दादी ने थाना गढ़ाकोटा में अभियुक्त के विरूद्ध रिपोर्ट लिखाई। अभियुक्त के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। गौरतलब है कि अभियुक्त ने पूर्व में भी बालिका को कई बार ऐसे परेशान किया है।
आवेदक/आरोपी विजय काछी ने न्यायालय में पेश जमानत आवेदन में लेख किया कि पीड़ित बालिका के पिता से फसल काटने पर से विवाद हुआ था अभियोक्त्री एवं उसका पूरा परिवार मौके पर आकर विवाद कर रहे थे उसी समय आवेदक ने अभियोक्त्री को डांट फटकार कर अपने खेत से भगा दिया इसी बात को लेकर अभियोक्त्री के पिता ने पुलिस से मिलकर आवेदक के विरूद्ध असत्य अपराध दर्ज कराया है। न्यायालय ने आवेदक के उक्त आधार को विष्वसनीय नहीं माना।
न्यायालय में आवेदक के उक्त जमानत आवेदन का अभियोजन ने विरोध किया एवं महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किये। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी विजय काछी का धारा 439 दप्रसं के तहत प्रस्तुत जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया।
नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास
सागर। न्यायालय- श्रीमती दीपाली शर्मा विशेेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सागर के न्यायालय ने नाबालिग से छेड़छाड़ करने के आरोपी नीरज लोधी पिता बहादुर सिंह लोधी उम्र लगभग 24 वर्ष निवासी अंतर्गत थाना सानौधा जिला सागर को धारा 8 पॉक्सो एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 452 भादवि में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 354 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 323 भादवि में 6 माह का सश्रम कारावास, एस.सी./एस.टी. एक्ट की धारा 3(1)(w)(i) में 2 वर्ष का सश्रम कारावास 3(2)(v-क) में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रिपा जैन की।
पीड़िता ने थाना सानौधा में मौखिक सूचना दर्ज कराई कि दिनांक-28.11.2018 को सुबह 10 बजे वह घर के अंदर अपने बालों में कंघी कर रही थी उसी समय आरोपी नीरज घर के अंदर आ गया और बुरी नियत से उसका हाथ पकड़कर कहने लगा कि उसके साथ चलो एक हजार रूपये दूंगा। पीड़िता ने जाने से मना किया तो उसे बुरी तरह खींचकर बाहर ले आया। वह चिल्लाई तो उसकी बहिन व एक अन्य लड़की आवाज सुनकर आ गई और उसे बचाने लगी तो नीरज ने उसे गाल में चांटा मारा, पीठ में घूंसा मार दिया और उसे छोड़कर भाग गया तथा जाते हुए कह रहा था कि रिपोर्ट करने गयी तो जान से खत्म कर देगा। पीड़िता अपने परिवारजन के साथ रिपोर्ट करने गई।
आरोपी के विरूद्ध थाना सानौधा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किये। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी नीरज को 3 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित करने का आदेश दिया।

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