शिवपुरी। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा वर्मा ने एक किसान द्वारा मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा लुकवासा को ऋण के बदले दिए गए चेक के बाउंस होने के उपरांत ऋण का भुगतान न करने पर एक माह के कारावास एवं प्रतिकर की राशि से दंडित किया है।मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा लुकवासा के शाखा प्रबंधक नरेंद्र पाल द्वारा न्यायालय में परिवाद पत्र प्रस्तुत किया गया था कि आरोपित सुखलाल धाकड़ पुत्र हजर सिंह धाकड़ निवासी कांठी ने बैंक शाखा से केसीसी हेतु लोन लिया था। इसके बदले उसने राशि 244514 रुपये का चेक बैंक शाखा को दिया, लेकिन बैंक के ऑफिसर द्वारा रिटर्न मेमो के साथ लिख कर दिया गया कि आरोपित के बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं हैं।
बैंक द्वारा चेक अनादरित कर दिया गया तब बैंक द्वारा अधिवक्ता जेपी शर्मा के माध्यम से आरोपित को नोटिस दिया गया। नोटिस प्राप्ति के बाद भी निर्धारित 15 दिवस की अवधि में चेक राशि आरोपित ने बैंक शाखा को प्रदान नही की। इसके बाद बैंक ने निगोशिएवल इंस्ट्रूमेंट एक्ट धारा 138 के तहत चेक बाउंस का प्रकरण न्यायालय में परिवाद दायर कर लाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए तथ्यों के आधार पर पर न्यायालय ने आरोपित सुखलाल धाकड़ को 1 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है।
इसके अलावा आरोपित अनादरित दिनांक से चेक राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज सहित अधिवक्ता शुल्क एवं परिवाद के संबंध में अन्य शुल्क मिलाकर प्रतिकर राशि 3 लाख 76 हजार 851 रुपये अदा करेगा। परिवादी बैंक शाखा की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी शर्मा द्वारा की गई।

No comments:
Post a Comment