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Friday, June 12, 2020

गौकशी की घटना होने पर अब होगी दस साल की सजा, उप्र सरकार का अभा ग्वाल महासभा ने जताया आभार


उप्र सरकार ने गौवंश की रक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम

शिवपुरी-अखिल भारतीय ग्वाल महासभा के राष्ट्रीय मंचों से अपने राष्ट्रीय एजेण्ड में शामिल गौमाता के संरक्षण को लेकर बार-बार जनमानस से गौरक्षा का आह्वान किया जाता रहा है लेकिन अब इस गौरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा कदम उठाया है जिसमें गौकशी की घटना होने पर आरोपी को 10 वर्ष की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया जा जा रहा है। 

मुख्यमंत्री योगी के इस अभिनव कार्य को अखिल भारतीय ग्वाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन लाल, राष्ट्रीय संयोजक आर.के.हांस, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सुन्दर ग्वाला, राष्ट्रीय महासचिव संजीव हिन्नवार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संतोष ग्वाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू ग्वाल, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष यश ग्वाल आदि सहित समस्त अखिल भारतीय ग्वाल महासभा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के इस कदम को सराहा और इस अभिनव प्रयास से ग्वाल महासभा के राष्ट्रीय एजेण्डे की भी पूर्ति होती है जिसमें ग्वाल महासभा बार-बार गाय को गौमाता का दर्जा देने के लिए शुरू से ही प्रयासरत है। 

इस प्रस्ताव को लेकर इसके लिए सरकार उत्तर प्रदेश गो.वध निवारण(संशोधन)अध्यादेश.2020 लाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी दे गई। विधानमंडल सत्र होने पर इसे विधेयक के रूप में दोनों सदनों से पास कराया जाएगा। इसका मकसद गोकशी की घटनाओं व गोवंश से जुड़े अपराधों को पूरी तरह रोकना है।  


गोकशी करने पर अब दस साल की सजा

जो कोई धारा 3, धारा 5 या धारा.5 क के उपबन्धों का उल्लंघन करता है या उल्लंघन करने का प्रयास करता है या उल्लंघन करने के लिए दुष्प्रेरित करता हैए वह तीन साल से 10 साल की सजा पाएगा।  जुर्माना तीन लाख से पांच लाख तक होगा। अगर एक बार दोष सिद्ध होने के बाद पुनरू अपराध करते पाया गया तो उसे दोहरे दंड  से दंडित किया जाएगा।   ऐसे अपराधों के अभियुक्तों का नामए फोटोग्राफए उसका निवास स्थल हैए प्रकाशित किया जाएगा।


गोमांस निकला तो चालक, वाहन मालिक व आपरेटर पर होगी कार्रवाई

अगर  सक्षम प्राधिकारी या प्राधिकृत प्रयोगशाला द्वारा गोमांस की पुष्टि हुई तो वाहन  चालकए आपरेटर और वाहन स्वामी पर अधिनियम के अधीन कार्रवाई की जाएगी। अगर यह सिद्ध हो जाए कि  परिवहन के साधन की समस्त सावधानियों के होते हुए और उसकी जानकारी के बिना अपराध में प्रयुक्त परिवहन के साधन का इस्तेमाल अपराध करने के निमित्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया है। तो इस दायरे से बाहर होगा।


ग्वाल महासभा ने जताया आभार

सम्माननीय योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश द्वारा गोहत्या पर कठोर दाण्डिक कार्यवाही का अध्यादेश जारी कर ग्वाला समाज इष्ट देवी गोमाता की रक्षा का संकल्प निभाया है। अखिल भारतीय ग्वाल उनका हार्दिक अभिनन्दन करती है।

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