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Thursday, March 5, 2026

होला महल्ला में दिखा श्रद्धा और शौर्य का अद्भूत महासंगम, बाबा के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब



संत बाबा हाकम सिंह के पावन सानिध्य में पड़ौरा स्थित गुरूद्वारा में सिख समाज ने उत्साह से लिया भाग

शिवपुरी- प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े उत्साह और उल्लास के साथ होला महल्ला का भव्य आयोजन कोलारस स्थित पड़ौरा गुरूद्वारा में संत बाबा हाकम सिंह के पावन सानिध्य में आयोजित हुआ। यहां होला महल्ला में एक ओर जहां श्रद्धा और शौर्य का अद्भुत महासंगम देखने को मिला तोव हीं दूसरी ओर संत बाबा हाकम सिंह दरबार में भी श्रद्धा का सैलाब उमड़ा जहां श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर अपनी दु:ख दर्दों का निवारण पाया और घर-परिवार, समाज में सुख-शांति का आर्शीवाद प्राप्त किया। 

इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए होला महल्ला में कबड्डी और अन्य खेलों का आयोजन हुआ साथ ही सिख संगत एवं धर्मावलंबियों के लिए गुरू का अटूट लंगर प्रसाद के रूप में जारी रहा। इस अवसर पर गुरूद्वारे में प्रमुख संत बाबा हाकम सिंह के सानिध्य में हजारों की संख्या में संगत पहुंचकर सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश की। यहां गुरूवाणी की मधुर स्वर लहरियां गुूंजती रही और होला महल्ला की परंपरा दशम पातशाह श्रीगुरू गोविन्द सिंह द्वारा स्थापित मर्यादा के अनुसारर मनाई गई। यह पूर्व केवल धार्मिक अनुष्ठन ना होकर बल्कि साहस, त्याग और अनुशासन का प्रतीक है यहां गुरूद्वारा भाई बालाजी शिवपुरी में संगतों के सहयोग से यह आयोजन भव्य रूप ले चुका है। दल बाबा रामसिंह जी जत्थेबंदी और संप्रदाय कार सेवा संत बाबा तारासिंह जी के सानिध्य में कार्यक्रम तीन दिनों तक संचालित होता रहा।

कार्यक्रम के दौरान पंथ प्रसिद्ध प्रचारक ज्ञानी सरबजीत सिंह जी टोटिया मुख्य प्रचारक एसजीपीसी श्री अमृतसर साहिब, भाई प्रीतपाल सिंह जी बाजपुर कथावाचक, बाबा अमरजीत सिंह जी गालिब खुर्द वाले, भाई सिमरनजीत सिंह जी परवाना कविशर जत्था तथा भाई कुलदीप सिंह जी खपडख़ेड़ी दाढ़ी जत्था गुरू इतिहास का रसपान कराकर संगत को निहाल करते हुए नजर आए। संतो के आशीष वचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ निरंतर बढ़ती जा रही है।

मेले की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरू का लंगर चौबीस घंटे अटूट रूप से चल रहा है जिसमें हजारों युवा व्यवस्था संभाल रहे है। सेवादार जूते घर में जूतों को संभालने से लेकर जूठे बर्तन स्वयं अपने हाथों से साफ कर सेवा का पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है। यहां महिला और पुरूष, बुजर्ग और बच्चे सभी सेवा भाव से इस कार्य में जुटे हुए है। सभी की सेवा ने इस पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाईयां प्रदान की जिसका सभी धर्मावलंबियों ने धर्मलाभ ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर समूचा शिवपुरी जिला एक अध्यामिक परिवार के रूप में तब्दील होता हुआ नजर आया।

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