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Friday, September 1, 2023

वरिष्ठ अधिवक्ता विजय तिवारी ने मेडीकल कॉलेज डी पर लगाए आर्थिक अनियमितता के आरोप, की शिकायत


शिवपुरी।
शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय तिवारी के द्वारा मेडीकल कॉलेज के डीन पर आर्थिक अनियमितता एवं गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर महानिदेशक आर्थिक अपराध को शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रकरण पंजीबद्ध किए जाने की बात शिकायती पत्र में कही गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट विजय तिवारी के द्वारा यूं तो समय-समय पर जनहित के अनेकों कार्यों को लेकर माननीय न्यायालय की शरण लेकर जनहित के कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा कराया जाता है और उसमें भी कईयों के विरूद्ध कार्यवाही को भी अंजाम दिया गया है। इसी क्रम में अब एड. विजय तिवारी के द्वारा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए शिकायत की गई है इस शिकायत में मेडीकल कॉलेज के डीन डॉ.के.बी.वर्मा पर आर्थिक अनियमितता एवं गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मामले में जांच की मांग करते हुए कार्यवाही किए जाने की बात कही गई है।

इस शिकायती पत्र में एडवोकेट तिवारी ने मेडिकल कॉलेज अर्थात राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी के अधिष्ठाता डॉ केबी वर्मा द्वारा की गयी आर्थिक अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार को लेकर महानिदेशक, आर्थिक अपराध ब्यूरो. 42. अरेरा हिल्स भोपाल (म.प्र.) के साथ-साथ उक्त शिकायत डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन भोपाल तथा कमिश्नर ग्वालियर संभाग को भी भेजी है। जिसमें डीन वर्मा पर आरोप लगाए हैं कि उनकी धर्मपत्नी की मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए हैं। इस तरह के अन्य मामलो को देखते हुए भी उन्होंने डीन के विरुद्ध आर्थिक भ्रष्टाचार की सम्यक जाँच की जाकर प्रकरण पंजीबद्ध किये जाने की आज्ञा चाही हैं।

अधिष्ठाता डॉ. के.बी.वर्मा द्वारा की गयी आर्थिक अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत की शासकीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी में कार्यरत वार्ड बॉय जुगल यादव एवं विनोद रावत की पदस्थापना स्वयं डीन डॉ. के.बी.वर्मा ने अपने कार्यालय में कर रखी है। उक्त दोनो व्यक्ति डीन के चहेते है। वार्ड ब्याय का डीन कार्यालय में क्या कार्य हैं, यह समझ से परे है, इस प्रकार उक्त दोनो चहेते व्यक्तियों को बिना काम प्रतिमाह हजारों रूपये वेतन दिया जाकर जनता के गाढे पसीने की कमाई में आग लगाई जा रही है साथ ही इससे बड़े आश्चर्य की बात यह है कि उक्त दोनो व्यक्ति सेवारत होने के साथ ही डीन की जानकारी में रहते हुये विनोद रावत एनस्थीसिया विभाग में डिप्लोमा कर रहा है तथा जुगल यादव उक्त मेडीकल कॉलेज में ही डीएमएलटी कोर्स के नियमित छात्र के रूप में पढाई कर रहे है। 

सेवारत कर्मचारियों द्वारा उक्त शिक्षा प्राप्त करने के संबंध में डीन द्वारा कोई लिखित अनुमति भी प्रदान नहीं की गयी है, साथ ही उक्त जुगल यादव को डीन द्वारा अपने कार्यालयीन पत्र क. 7900 दिनांकित 15.07.2023 द्वारा आयुष्मान मित्र के रूप में कार्य करने का कार्यालयीन आदेश भी पारित किया गया है। इस तरह शिकायती आवेदन पत्र के मामध्यम से अधिवक्ता विजय तिवारी के द्वारा पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की गई है।

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