शिवपुरी/पिछोर- जिला कलेक्टर रबीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देशन में पिछोर अनुविभागीय दंडाधिकारी श्रीमती ममता शाक्य के द्वारा 21 जनवरी बुधवार को खेल मैदान की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।जानकारी के अनुसार शासन स्तर से पंचायतों में जगह जगह बन रहे खेल के मैदानों को लेकर प्रशासन चुस्त दिखाई दे रहा है। हाल ही में बुधवार को ग्राम पंचायत रही में खेल मैदान के लिए पंचायत स्तर पर जगह स्वीकृत की गई थी। जिसका सर्वे क्र. 270 रकवा 4.91 है. तथा सर्वे क्रमांक 271 रकबा 2.18 है। जहाँ शासन स्तर पर खेल मैदान स्वीकृत था जिसमें लगभग 0.80 है. खेल मैदान की भूमि पर भानु प्रताप सिंह पुत्र नारायण सिंह के द्वारा पशु घर एवं चारों तरफ बागड़ कर कब्जा किए हुए थे। जिसकी शिकायत पंचायत द्वारा मिलने पर एसडीएम ममता शाक्य द्वारा अपने राजस्व के दलबल के साथ पहुंच कर अतिक्रमण किए हुए भानु प्रताप सिंह से मौके पर हटाया गया। एसडीएम का कहना है कि जहां-जहां भी शासन की संपत्ति पर यदि कोई व्यक्ति अनधिकृत रूप से कब्जा किए हुए हैं, तो बह व्यक्ति शासकीय संपत्ति को खाली करें नहीं तो उन पर प्रशासनिक कार्य बाही की जाबेगी। इस मौके पर पिछोर तहसीलदार सहित राजस्व अमला मौजूद रहा।
शिवपुरी/पिछोर- जिला कलेक्टर रबीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देशन में पिछोर अनुविभागीय दंडाधिकारी श्रीमती ममता शाक्य के द्वारा 21 जनवरी बुधवार को खेल मैदान की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।जानकारी के अनुसार शासन स्तर से पंचायतों में जगह जगह बन रहे खेल के मैदानों को लेकर प्रशासन चुस्त दिखाई दे रहा है। हाल ही में बुधवार को ग्राम पंचायत रही में खेल मैदान के लिए पंचायत स्तर पर जगह स्वीकृत की गई थी। जिसका सर्वे क्र. 270 रकवा 4.91 है. तथा सर्वे क्रमांक 271 रकबा 2.18 है। जहाँ शासन स्तर पर खेल मैदान स्वीकृत था जिसमें लगभग 0.80 है. खेल मैदान की भूमि पर भानु प्रताप सिंह पुत्र नारायण सिंह के द्वारा पशु घर एवं चारों तरफ बागड़ कर कब्जा किए हुए थे। जिसकी शिकायत पंचायत द्वारा मिलने पर एसडीएम ममता शाक्य द्वारा अपने राजस्व के दलबल के साथ पहुंच कर अतिक्रमण किए हुए भानु प्रताप सिंह से मौके पर हटाया गया। एसडीएम का कहना है कि जहां-जहां भी शासन की संपत्ति पर यदि कोई व्यक्ति अनधिकृत रूप से कब्जा किए हुए हैं, तो बह व्यक्ति शासकीय संपत्ति को खाली करें नहीं तो उन पर प्रशासनिक कार्य बाही की जाबेगी। इस मौके पर पिछोर तहसीलदार सहित राजस्व अमला मौजूद रहा।

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