रैली निकालकर कलेक्टे्रट पहुंचकर भाजपा के 12, 2 निर्दलीय सहित 4 कांग्रेसियों ने दिया पार्षदी से इस्तीफाशिवपुरी-आखिरकार भाजपा की नगर पालिका अध्यक्ष के विरूद्ध बीते दो माह से चल रही पार्षदों का विवाद इस्तीफे पर जा पहुंचा और यहां अविश्वास प्रस्ताव अमान्य होने के बाद भाजपा की नपाध्यक्ष के विरूद्ध भाजपा के ही 12 पार्षदों, 2 निर्दलीय और 4 कांग्रेसी पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए नगर में रैली निकालकर कलेक्टे्रट पहुंचकर एडीएम दिनेशचन्द्र शुक्ला को अपनी पार्षदी से इस्तीफा सौंपा।
हालांकि इस दौरान पार्षदों को इस्तीफा कलेक्टर रविन्द्र चौधरी को देना था लेकिन वह जिला मुख्यालय से बाहर होने के कारण पार्षदों में नाराजगी देखी गई और कलेक्टे्रट परिसर में ही कलेक्टर के आने तक हनुमान चालीसा का पाठ धरना देते हुए करने लगे, तभी मौके पर एडीएम श्री शुक्ला पहुंचे और उन्होंने सभी पार्षदों को समझाते हुए इस्तीफा लिए और आगे की कार्यवाही कलेक्टर के माध्यम से किए जाने की बात कही जिस पर सभी पार्षद माने और 9-9 की संख्या में अपने अलग-अलग इस्तीफे व सामूहिक रूप से सौंपे।
नपाध्यक्ष के विरूद्ध मोर्चा खोलते हुए विरोधी पक्ष के अधिकांशत: सभी पार्षद स्थानीय माधवचौक चौराहा स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और यहां श्रीहनुमानजी को प्रणाम करते हुए डीजे एवं ढोल की थाप पर रैली निकालते हुए पार्षदों ने नपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली का विरोध किया और अपना इस्तीफा सौंपे जाने की बात कही। जिस पर अनेकों जगह इस्तीफा देने वाले 18 पार्षद जिसमें 8 महिलाऐं व 10 पुरूष शामिल रहे इन सभी का स्थानीय नागरिकों के द्वारा माल्यार्पण करते हुए स्वागत भी किया और पार्षदों के इस कदम को सराहा। इस दौरान पूरे मार्ग पर पार्षदों के द्वारा रैली निकालते हुए लोगों के हुजूम के साथ कलेक्टे्रट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया गया और सभी ने इस्तीफा सौंपकर अपने कार्य से मुक्त होने का आह्वान जिला प्रशासन के समक्ष किया।
नपा उपाध्यक्ष ने भी पार्षदी सहित उपाध्यक्ष पद से किया त्याग
बीते तीन वर्षों से नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के बनने के बाद से ही भले ही उपाध्यक्ष के रूप में श्रीमती सरोज रामजी व्यास पदस्थ हुई हो लेकिन इन तीन वर्षों में वह तीन बार भी नपा परिसर स्थित अपने नपा उपाध्यक्ष कक्ष में नहीं पहुंची और लगातार विरोध करती रही। इस दौरान उनका पूरा साथ उनके पति पूर्व सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास के द्वारा भी दिया गया जिन्होंने तत्समय सांसद प्रतिनिधि रहते हुए नगर पालिका के साधारण सभा के सम्मेलन में जनता के मुद्दों को उठाया और लगातार नपाध्यक्ष पर जुबानी प्रहार किया।
नपाध्यक्ष के विरूद्ध मोर्चा खोलते हुए विरोधी पक्ष के अधिकांशत: सभी पार्षद स्थानीय माधवचौक चौराहा स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और यहां श्रीहनुमानजी को प्रणाम करते हुए डीजे एवं ढोल की थाप पर रैली निकालते हुए पार्षदों ने नपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली का विरोध किया और अपना इस्तीफा सौंपे जाने की बात कही। जिस पर अनेकों जगह इस्तीफा देने वाले 18 पार्षद जिसमें 8 महिलाऐं व 10 पुरूष शामिल रहे इन सभी का स्थानीय नागरिकों के द्वारा माल्यार्पण करते हुए स्वागत भी किया और पार्षदों के इस कदम को सराहा। इस दौरान पूरे मार्ग पर पार्षदों के द्वारा रैली निकालते हुए लोगों के हुजूम के साथ कलेक्टे्रट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया गया और सभी ने इस्तीफा सौंपकर अपने कार्य से मुक्त होने का आह्वान जिला प्रशासन के समक्ष किया।
इस्तीफा देने वाले पार्षदों में वार्ड क्रं.4 से संजय गुप्ता पप्पू, वार्ड क्रं.5 ओमप्रकाश जैन ओमी, वार्ड क्रं.6 से श्रीमती मोनिका सीटू सड़ैया, वार्ड क्रं.9 से श्रीमती रितु रत्नेश जैन डिम्पल, वार्ड क्रं.10 से श्रीमती प्रतिभा गोपी शर्मा, वार्ड क्रं. 11 श्रीमती नीलम अनिल बघेल, वार्ड क्रं.12 से श्रीमती सरोज धाकड़, वार्ड क्रं.15 से श्रीममता बाईसराम धाकड़, वार्ड क्रं.17 से राजा यादव, वार्ड क्रं.18 से श्रीमती रीना कुलदीप शर्मा, वार्ड क्रं.20 से विजय शर्मा बिंदास, वार्ड क्रं.21 से रघुराज सिंह राजू गुर्जर, वार्ड क्रं.26 से श्रीमती सरोज रामजी व्यास, वार्ड क्रं.28 से तारा राठौर, वार्ड क्रं.30 से कमल किशन शाक्य, वार्ड क्रं.31 से श्रीमती मीना पंकज शर्मा, वार्ड क्रं. 37 से गौरव सिंघल एवं वार्ड क्रं.39 से कृष्णा नागर शामिल है।
नपा उपाध्यक्ष ने भी पार्षदी सहित उपाध्यक्ष पद से किया त्याग
बीते तीन वर्षों से नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के बनने के बाद से ही भले ही उपाध्यक्ष के रूप में श्रीमती सरोज रामजी व्यास पदस्थ हुई हो लेकिन इन तीन वर्षों में वह तीन बार भी नपा परिसर स्थित अपने नपा उपाध्यक्ष कक्ष में नहीं पहुंची और लगातार विरोध करती रही। इस दौरान उनका पूरा साथ उनके पति पूर्व सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास के द्वारा भी दिया गया जिन्होंने तत्समय सांसद प्रतिनिधि रहते हुए नगर पालिका के साधारण सभा के सम्मेलन में जनता के मुद्दों को उठाया और लगातार नपाध्यक्ष पर जुबानी प्रहार किया।
इसी बीच जब तीन वर्ष का नपाध्यक्ष का कार्यकाल पूर्ण हुआ तो पूर्व सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास के पुत्र राहुल व्यास ने भी सभी नपाध्यक्ष का विरोध करने वाले पार्षदों के साथ मिलकर बगीचा सरकार पहुंचकर नपाध्यक्ष को हटाए जाने की शपथ ली थी अन्यथा स्वयं पार्षद से हट जाने की कसम खाई थी। इस कसम के बाद लगातार विरोधी पक्ष के पार्षद नपाध्यक्ष के विरूद्ध ना-ना प्रकार से मोर्चा खोलते रहे और इसी बीच अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर हस्ताक्षर वैरीफिकेशन भी 18 पार्षदों ने कराए और एकाएक जब अविश्वास प्रस्ताव अमान्य हो गया तो सभी पार्षदों ने इस्तीफा देने के अपने संकल्प को गुरूवार 28 अगस्त को पूरा किया जिसमें नपा उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास ने भी सभी पार्षदों का साथ देते हुए पार्षद पद तो इस्तीफा दिया ही साथ-साथ नपा उपाध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देने की घोषणा भी की।
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