5 अक्टूबर से श्रीमद् भक्तमाल कथा, जगदगुरु रामानंदाचार्य वल्लभाचार्य करेंगे कथा वाचनशिवपुरी। शहर के प्राचीन एवं प्रमुख तीर्थ स्थल श्री बाणगंगा धाम पर आगामी 26 सितंबर से पितृ यज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक श्रीमद् भक्तमाल कथा का आयोजन किया जाएगा। पितृ यज्ञ के दौरान पितरों की आत्मा की शांति एवं परिवार के कल्याण के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इसमें पितृ गायत्री महायज्ञ, तत्काल संकट निवारण स्तोत्र का पाठ, 108 श्रीमद् भागवत गीता पाठ, श्रीमद् भागवत पाठ, श्री राम रक्षा स्तोत्र पाठ, पंच रत्न पाठ और प्रपत्ति प्रभा स्तोत्र का पाठ प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह सभी धार्मिक कार्यक्रम 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन के दौरान कथा प्रवचनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। वृंदावन से पधार रहे प्रसिद्ध कथावाचक डॉ. दीनबंधु दास महाराज द्वारा भरत चरित्र एवं राम कथा का प्रवचन किया जाएगा। वहीं ओरछा से पधारे विद्वान संपूर्णानंद जी महाराज द्वारा श्रीमद् भगवत गीता के मर्म और जीवन में उसकी उपयोगिता पर प्रवचन दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को गीता के व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया जाएगा। पितृ यज्ञ के समापन के बाद 5 अक्टूबर से श्रीमद् भक्तमाल कथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ होगा। इस कथा में कथा व्यास के रूप में जगदगुरु श्री 1008 श्री रामानंदाचार्य वल्लभाचार्य जी महाराज, पीठाधीश्वर श्री राम हर्षण मैथिल सख्य पीठ, श्रीधाम अयोध्या पधारेंगे। वे भक्तमाल ग्रंथ में वर्णित 200 से अधिक संतों और भक्तों के त्याग, तपस्या और भक्ति के आदर्श चरित्रों का वर्णन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि भक्तमाल कथा के माध्यम से संत परंपरा और भक्ति के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इस संपूर्ण धार्मिक आयोजन में पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन बाणगंगा तीर्थ क्षेत्र के महामंडलेश्वर महंत श्री नारायण दास जी महाराज का रहेगा। उनके मार्गदर्शन में ही यज्ञ और कथा संपन्न होंगे। श्री बाणगंगा धाम शिवपुरी का एक सिद्ध और प्राचीन तीर्थ स्थल है, जहां हर वर्ष बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं। आयोजक समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पितृ यज्ञ और भक्तमाल कथा का पुण्य लाभ प्राप्त करें।

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