उत्साह और रचनात्मकता के साथ विद्यालय में सम्पन्न हुआ बसंत उत्सवशिवपुरी- शहर के फतेहपुर स्थित गीता पब्लिक स्कूल में वसंत उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे फूलों एवं सजावटी वस्तुओं से सजाया गया। विद्यार्थियों को प्रकृति से प्रेम करने, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय संचालक पवन शर्मा के द्वारा सभी बच्चों को बसंती पंचमी के उपलक्ष्य में प्रकृति प्रेम का संदेश दिया गया और बताया कि मॉ सरस्वती को बसंती पंचमी के अवसर पर पूजा जाता है और बच्चों को भी मॉं सरस्वती का पूजन करना चाहिए ताकि मन-वाणी से वह सरस्वती की भांति बेहतर जीवन जी सके। इस अवसर पर बसंत पंचमी उत्सव के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें गीत, नृत्य, चित्रकला, भाषण, श्लोक तथा कविता पाठ प्रमुख रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को वसंत ऋतु के महत्व, प्राकृतिक सौंदर्य तथा पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। सभी विद्यार्थियों ने उत्साह एवं अनुशासन के साथ भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
उत्साह और रचनात्मकता के साथ विद्यालय में सम्पन्न हुआ बसंत उत्सवशिवपुरी- शहर के फतेहपुर स्थित गीता पब्लिक स्कूल में वसंत उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे फूलों एवं सजावटी वस्तुओं से सजाया गया। विद्यार्थियों को प्रकृति से प्रेम करने, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय संचालक पवन शर्मा के द्वारा सभी बच्चों को बसंती पंचमी के उपलक्ष्य में प्रकृति प्रेम का संदेश दिया गया और बताया कि मॉ सरस्वती को बसंती पंचमी के अवसर पर पूजा जाता है और बच्चों को भी मॉं सरस्वती का पूजन करना चाहिए ताकि मन-वाणी से वह सरस्वती की भांति बेहतर जीवन जी सके। इस अवसर पर बसंत पंचमी उत्सव के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें गीत, नृत्य, चित्रकला, भाषण, श्लोक तथा कविता पाठ प्रमुख रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को वसंत ऋतु के महत्व, प्राकृतिक सौंदर्य तथा पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। सभी विद्यार्थियों ने उत्साह एवं अनुशासन के साथ भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।



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