शिवपुरी/पोहरी- शिक्षा एवं साहित्य को सर्वोपरि रखते हुए साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल के सहयोग से प्रकाशित शिवपुरी जिले के वरिष्ठ कवि एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष धाकड़ श्याम बिहारी सरल द्वारा लिखित दिल की आवाज़ पुस्तक का पूर्व उच्च शिक्षामंत्री राजकुमार पटैल एवं मुख्य अतिथि सांसद दर्शनसिंह चौधरी नर्मदापुरम भोपाल एवं मंचासीन अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। पुस्तक के साथ ही धाकड़ श्याम बिहारी सरल द्वारा लिखी गई भगवान श्रीबलराम जी की आरती का भी विमोचन किया गया। मंच पर लोकार्पित पुस्तक दिल की आवाज़ में अनेकों गीत, कविता तथा क्षणिकाओं का समावेश है। आपस की अनबन तोड़ो, अब राख नहीं अंगार बनो तथा गाड़ी बँगला झूठी शान जैसी अनेकों रचनाएँ मानवीय झूठी शान-ओ-शौकत को लेकर आईना दिखाती हैं, तो कहीं आपसी रिश्तों को जोड़ती हुई नजऱ आती हैं। नफरत नहीं प्रेम चाहिए, विद्यार्थियों के लिए रुक जाना नहीं तथा भारतीय समाज में व्याप्त दुर्व्यसन के खिलाफ दुर्व्यसनों को करदो दूर... जैसी सशक्त रचनाएँ बुरी आदतों को छोडऩे के लिए मजबूर करती हैं।
शिवपुरी/पोहरी- शिक्षा एवं साहित्य को सर्वोपरि रखते हुए साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल के सहयोग से प्रकाशित शिवपुरी जिले के वरिष्ठ कवि एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष धाकड़ श्याम बिहारी सरल द्वारा लिखित दिल की आवाज़ पुस्तक का पूर्व उच्च शिक्षामंत्री राजकुमार पटैल एवं मुख्य अतिथि सांसद दर्शनसिंह चौधरी नर्मदापुरम भोपाल एवं मंचासीन अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। पुस्तक के साथ ही धाकड़ श्याम बिहारी सरल द्वारा लिखी गई भगवान श्रीबलराम जी की आरती का भी विमोचन किया गया। मंच पर लोकार्पित पुस्तक दिल की आवाज़ में अनेकों गीत, कविता तथा क्षणिकाओं का समावेश है। आपस की अनबन तोड़ो, अब राख नहीं अंगार बनो तथा गाड़ी बँगला झूठी शान जैसी अनेकों रचनाएँ मानवीय झूठी शान-ओ-शौकत को लेकर आईना दिखाती हैं, तो कहीं आपसी रिश्तों को जोड़ती हुई नजऱ आती हैं। नफरत नहीं प्रेम चाहिए, विद्यार्थियों के लिए रुक जाना नहीं तथा भारतीय समाज में व्याप्त दुर्व्यसन के खिलाफ दुर्व्यसनों को करदो दूर... जैसी सशक्त रचनाएँ बुरी आदतों को छोडऩे के लिए मजबूर करती हैं।

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