अल्पविराम लेकर लिखी चि_ी, कागज पर उतरे दिल के जज़्बात तो छलक पड़े आंसू
शिवपुरी। आनंद विभाग जिला शिवपुरी द्वारा सितंबर माह में चलाए जा रहे ‘30 दिन–30 कार्यशालाएं’ अभियान के अंतर्गत आज एसएफ 18वीं बटालियन चंदनपुरा, शिवपुरी में 15वीं अल्पविराम कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने अल्पविराम लेकर अपने जीवन, रिश्तों और भावनाओं को समझने का प्रयास किया। 18वीं बटालियन चंदनपुरा शिवपुरी में डीआईजी/सैनानी आलोक कुमार सिंह के समन्वय से एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का सबसे भावुक सत्र ‘पत्र लेखन’ रहा। राजेश पटेल ने प्रतिभागियों से अपने जीवन के उन रिश्तों के लिए पत्र लिखने को कहा, जिनसे वे कुछ कहना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश कह नहीं पाए। कुछ रिश्ते समय के साथ दूर हो गए थे तो कुछ लोग इस दुनिया से चले गए थे। प्रतिभागियों ने अल्पविराम लेकर अपने मन की अनकही बातों को कागज पर उतारा।
जब प्रतिभागियों ने अपने लिखे पत्रों की शेयरिंग की तो पूरा वातावरण भावुक हो गया और कई प्रतिभागियों की आंखों में आंसू छलक पड़े। किसी ने क्षमा मांगी, किसी ने क्षमा करने का भाव व्यक्त किया तो किसी ने अपने जीवन में मिले प्रेम और सहयोग के लिए कृतज्ञता प्रकट की। पत्र लेखन के इस सत्र ने प्रतिभागियों को यह महसूस कराया कि कई बार मन में रह गई अनकही बातें रिश्तों के बीच दूरी का कारण बन जाती हैं और उन्हें व्यक्त करने के लिए जीवन में एक ‘अल्पविराम’ लेना जरूरी है।
इससे पहले प्रीति तिवारी ने ‘रिश्ते’ सत्र के माध्यम से जीवन में रिश्तों के महत्व तथा रिश्तों के मधुर अथवा दूर होने के कारणों पर चर्चा की। अल्पविराम लेकर प्रतिभागियों ने स्वयं के भीतर झांकते हुए अपने रिश्तों का मैप तैयार किया। उन्होंने पहचानने का प्रयास किया कि उनके कौन-कौन से रिश्ते उनसे दूर हो गए हैं और उन्हें पुनः करीब लाने के लिए वे स्वयं क्या कर सकते हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ मास्टर ट्रेनर अभय जैन ने प्रार्थना के साथ कराया। मास्टर ट्रेनर साकेत पुरोहित ने आनंद की अवधारणा बताते हुए जीवन में अल्पविराम के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जीवन की भागदौड़ के बीच कुछ समय ठहरकर स्वयं को देखना और समझना सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यशाला में ईएनबी से एम. टोंगपांग ने आइस ब्रेकर गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वयं से कनेक्ट होने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के समापन सत्र में ब्रजेश सिंह तोमर ने प्रतिभागियों से फीडबैक लिया तथा सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला ने प्रतिभागियों को अपने रिश्तों को नए दृष्टिकोण से देखने तथा जीवन में प्रेम, क्षमा और कृतज्ञता को स्थान देने का संदेश दिया।


No comments:
Post a Comment