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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Thursday, March 28, 2019

नियम निर्देशों के विपरीत संचालित हो रहे प्रायवेट स्कूल

आरटीई के तहत प्रवेशों के नाम पर ऐंठी जा रही मोटी रकम
शिवपुरी-शहर में अधिकांशत: कई निजी प्रायवेट विद्यालय ऐसे संचालित हो रहे है जो शासन के शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियम निर्देशों के विपरीत संचालित हो रहे है। सूत्र बताते है कि आरटीई(शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत होने वाले प्रवेशों के नाम पर भी नियम निर्देशों को हवा में उड़ाया जाकर अपने चहेतों को प्रवेश दिलाया जा रहा है और कई स्कूलों में यह स्थिति बन गई है कि बच्चा आरटीई के तहत प्रवेश किसी विद्यालय में ले रहा है और उस बच्चे के लिए शासन द्वारा प्रदाय की जाने वाली आरटीअई की राशि दूसरा विद्यालय प्राप्त कर रहा है। ऐसे कई प्रमाण है यदि आरटीई के तहत होने वाले प्रवेशों की सूची और वहां अध्ययनरत बच्चों की जानकारी ली जाए तो कई बड़े-बड़े विद्यालय इस काण्ड में फंसते नजर आऐंगें। सूत्रों की खबर तो यहां तक है कि यह सब शिक्षा विभाग की ही मिलीभगत के इशारे पर हो रहा है जहां मैपिंग और इस पर कार्य करने वाले कई अधिकारी मिलीभगत कर ऑनलाईन में ऐसी कई गड़बड़ीयां कर रहे है जो कागजों में ही स्कूल संचालित कर वहां अध्ययनरत बच्चों को किसी अन्य स्कूलों में अध्ययनरत बता रहे है जबकि वह वास्तविक में जिस स्कूल में पढऩे जाते है वह विद्यालय मौके पर ही मौजूद ही नहीं है। इसी तरह का घटनाक्रम विगत लंबे समय से वूल हाउस के नजदीक संचालित हो रहा है जहां सूत्रों ने बताया कि यहां आसपास एरिया में कोई प्रायवेट विद्यालय संचालित हो रहा है लेकिन वह कागजों में है हकीकत में वहां ना तो कई स्कूल है और ना ही कोई बच्चा जो वहां पढ़ रहा हो बल्कि सूत्रों ने यहां बताया है कि इस स्कूल के नाम पर आरटीई के तहत मिलने वाले प्रवेश भी स्वीकृत है और इसमें बच्चों को प्रदाय शासन की आरटीई की राशि भी बकायदा स्कूल संचालक के खाते में पहुंच रही है। अब सरेआम अंधेरगर्दी होने के बाद भी शिक्षा विभाग इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा और ना ही ऐसे विद्यालयों को जांच रहा जहां आरटीई के नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा और जो दोषी हो उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की जाए। सूत्रों ने बताया है कि अब जागरूक नागरिक इस मामले में उचित कार्यवाही और आरटीई के तहत शासन की राशि का दुरूपयोग करने वाले ऐसे निजी प्रायवेट विद्यालयों के खिलाफ आरटीआई के तहत पहले जानकारी ली जाएगी फिर दोषी विद्यालय के खिलाफ कार्यवाही को लेकर भोपाल स्तर तक शिकायत कर एक बड़े कागजीबाड़े का भाण्डाफोड़ किया जाएगा। 

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