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Thursday, August 26, 2021

स्व.शाही स्मृति में निकाली प्रभातफेरी, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का होगा सम्मान


मुख्य वन संरक्षक डीके पालीवाल होंगें मुख्य अतिथि

शिवपुरी- कर्मचारी नेता स्व.मदन मोहन शर्मा शाही स्मृति में एक बार फिर से कर्मचारी संगठनों के द्वारा आज 27 अगस्त को स्थानीय कर्मचारी भवन कोठी नं.14 शिवपुरी पर पुण्यतिथि मनाई जाएगी। इस दौरान स्व.शाही की स्मृति को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी तो वहीं शाही सम्मान वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। इसके पूर्व आज गुरूवार को स्थानीय राजेश्वरी मंदिर से प्रभातफेरी निकाली गई जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कोठी नं.14 पर संपन्न हुई।

कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए मप्र वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गा ग्वाल ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शाही सम्मान वार्षिक उत्सव कर्मचारियों/अधिकारियों की सेवा निवृत्ति उपरांत वार्षिकोत्सव कार्यक्रम आगामी 27 अगस्त 2021 शुक्रवार को स्थानीय कर्मचारी भवन कोठी नं.14 परिसर में दोप.12:15 बजे स्व.श्री मदनमोहन शर्मा शाही जो कि एक प्रसिद्ध कर्मचारी नेता एवं साहित्यकार थे, उनकी पुण्यतिथि पर शाही.सम्मान होगा। 

इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य वन संरक्षक डी.के.पालीवाल, सी.एस.निनामा मुख्य वनसंरक्षक संचालक माधव राष्ट्रीय उद्यान एवं सिंह परियोजना योजना, श्रीमती मीना कुमारी मिश्रा वनमण्डलाधिकारी सा.शिवपुरी, प्रमोद भार्गव साहित्यकार एवं प्रहलाद भारती पूर्व विधायक सहित कार्यक्रम की अध्यक्षता आमोद तिवारी प्रांतीय अध्यक्ष भोपाल करेंगें। 

श्री ग्वाल ने यहां बताया कि स्व.श्री शाही एक विभूतिकल्प व्यक्तित्व के स्वामी थे वह निर्भीक कर्मचारी नेता, प्रखर वक्ता और उच्च कोटि के साहित्यकार थे, आज वह भले ही जीवित नहीं हैं फिर भी उनकी भूमिका राष्ट्रीय फलक पर शिवपुरी शहर को गौरवान्वित कर रही है वह एक ऐसे शख्स थे जो वास्तविक अर्थों में बहुआयामी थे, उनके व्यक्तित्व का फलक इतना व्यापक था कि सामाजिक जीवन उनसे बहुआयामी प्रेरणा ले सकता है। 

शाही जी का साहित्यिक पक्ष बहुत ही प्रमाणिक एवं सशक्त है उनकी कालजयी रचना लंकेश्वर दुनियां भर में पड़ी जाती है। इस रचना में उनकी दूरदर्शिता औऱ सोच की विविधता प्रमाणित होती है। आज के दौर में कर्मचारी संगठन राजनीतिक दलों के उपकरण बन गए है तब भी वन कर्मचारी संघ द्वारा लगातार स्व.शाही को याद करते हुए लोकजीवन में जिंदा रखना चाहते हैं।

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