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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Tuesday, March 29, 2022

सागर/लाल तिलकधारी कछुओं का अवैध व्यापार करने वाले अंतर्राष्ट्रीय तस्करों को 3-3 वर्ष का कठोर कारावास


सागर।
लाल तिलकधारी कछुओं का अवैध कारोबार करने वाले दो अंतर्राष्ट्रीय तस्करों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी ब्रजेश दीक्षित ने की।
जिला लोक अभियोजन के मीडिया प्रभारी अमित जैन ने बताया कि आरोपी शेखरदास पुत्र विनयदास आयु 38 निवासी वनगांव निवासी पश्चिम बंगाल ने दिनांक 30.07.2019 और सुल्तान पुत्र मोहम्मद जेनुअल आयु 9 साल निवासी इकबालपुर कोलकाता पश्चिम बंगाल ने दिनांक 04.04.2021 को अभिरक्षा में लिए जाने के पूर्व के वर्षों में वन्य प्राणियों की अवैध तस्करी हेतु कार्यरत एक अंतराज्जीय एवं अंर्तराष्ट्रीय गिरोह के रूप में मुख्य रूप से मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों व अन्य देशों में विलुप्तप्राय वन्य प्राणी लाल तिलकधारी कछुआ एवं अन्य प्रजाति के कछुओं केा अवैध रूप से पकडकर अपने कब्जे में रखकर लाल तिलकधारी कछुआ एवं पेंगोलिन के स्कल्स तथा अन्य वन्य प्राणी अव्यव को अवैध रूप से स्वयं के कब्जे में रखा और अंर्तराष्ट्रीय गिरोह के रूप में अवैध व्यापार किया। मामले में वन विभाग ने विवेचना के उपरांत परिवाद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां विचारण के उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों आरोपियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 49बी एवं 51(1)(क) का दोषी करार देते हुए दोनों आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं दस-दस हजार के जुर्माने से दंडित किया है। 

दुष्कर्म के आरोपियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास
सागर। न्यायालय श्री रामगोपाल प्रजापति, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश सागर ने सामूहिक दुष्कर्म के चिन्हित जघन्य व सनसनीखेज मामले में दोनों आरोपियों थाना सुरखी जिला सागर अंतर्गत निवासी सोनू पिता प्रताप उर्फ चुटकी पटैल उम्र 20 साल को भादवि की धारा 376(1) अंतर्गत 10 वर्ष का कठोर कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड तथा कमलसींग उर्फ हल्ले पिता वीरसींग पटैल उम्र 21 साल को भादवि की धारा 109/376(1) अंतर्गत 10 वर्ष का कठोर कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड व धारा 506 भाग दो अंतर्गत 3 वर्ष का कठोर कारावास व रूपये 500 के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में राज्य शासन की ओर से पैरवी उप-संचालक(अभियोजन) अनिल कुमार कटारे ने की व सौरभ डिम्हा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ने सहयोग किया।
जिला अभियोजन के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि फरियादिया ने थाना सुरखी में एक लिखित आवेदन इस आषय का पेष किया कि वह अपने पति के साथ मजदूरी का काम करती है। दिनांक-24.10.2020 को शाम करीब 6 बजे वह खेत के पास चारा काटने गई थी, उसके साथ उसका लड़का भी साथ में था, पास में ही बेर खा रहा था। फरियादिया का पति खेत में हिरन भगाने गया था, वह चारा काट रही थी। तभी आरोपी हल्ले पिता वीरसींग व सोनू पटैल आये और हल्ले ने उसके बच्चे को पकड़ लिया और कहा कि सोनू तुम्हारे साथ जो भी करना चाहता है, करा लो नही ंतो तुम्हारे लड़के को मार दूंगा। फिर सोनू पटैल ने उसे जमीन पर पटक दिया और जबरदस्ती उसके साथ गलत काम किया, वह चिल्लाई तो सोनू और हल्ले वहाॅं से भाग गये तभी उसका पति भी मौके पर आ गया जिसे फरियादिया ने घटना बताई और यह भी बताया कि सोनू व हल्ले उसे करीब 6 माह से परेषान कर रहे हैं, तुमको उठवा लूंगा तुम्हारे पति को जान से मार दूंगा की धमकी देते हैं। फरियादिया के उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना सुरखी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किये। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। अभियोजन ने मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी सोनू पटैल व कमलसींग उर्फ हल्ले पटैल को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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