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Sunday, July 2, 2023

तनावग्रस्त बच्चों चुप्पी तोडो, हमसे बोलो, उमंग किशोर हेल्प लाईन प्रारंभ,


स्कूली बच्चों की सहायता के लिए उमंग किशोर हेल्प लाईन प्रारंभ, टोल फ्री नम्बर 14425 पर रखी जाएगी गुप्त बात

शिवपुरी-मध्य प्रदेश सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने यूएनएफपीए एवं लक्ष्य संस्था के तकनीकि सहयोग से तनावग्रस्त 10 से 19 बर्ष तक के स्कूली बच्चों के लिए टोल फ्री नम्बर 14425 उमंग किशोर हेल्प लाईन प्रारंभ किया है। इस पर बच्चों के साथ उनके अभिभावक व शिक्षक भी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फोन कर सकेंगे। इस टोल फ्री नम्बर पर होने वाली चर्चा को पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाएगा। टोल फ्री नम्बर के माध्यम से बच्चे सहायता प्राप्त कर सकें इसके लिए स्कूली बच्चों को चुप्पीतोड कर अपनी समस्या कहने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि म.प्र. में 10 साल से लेकर 19 बर्ष तक के स्कूली व कालेज के विधार्थियों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के कई मामले प्रकाश में आए। जिनकी बिवेचना से यह तथ्य प्रकाश में आया कि बच्चे विभिन्न कारणों से तनाव ग्रस्त थे। यदि उन्हें समय पर मार्गदर्शन अथवा सहयोग मिल जाता तो दुखद घटनाएं घटने बच सकती थीं। इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा उमंग किशोर हेल्प लाईन प्रारंभ की। इस हेल्प लाइन को अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम से जोडा गया है।

कैसे काम करेगी है उमंग किशोर हेल्प लाईन 14425
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह 10 से 19 बर्ष तक क किशोरों के लिए है और उन्हें तनाव से उमंग की और ले जाने की लिए प्रारंभ की गई है। टोल फ्री 14425 सेवा पूर्ण रूप से निशुल्क है। इस पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक फोन किया जा सकता है। जिस पर मानसिक रोग विशेषज्ञ एवं परामर्शदाता उपलब्ध रहते हैं जो किशोर-किशोरियों को सुनने के साथ उनसे हुई चर्चा तथा पहचान को गोपनीय भी रखते हैं और आवश्यकता पडने पर किशोर-किशोरियों की सहमति से आवश्यक अथवा अपेक्षित सहयोग भी मुहैया कराते हैं।

कौन कर सकता है किशोर उमंग हेल्प लाईन में फोन
टोल फ्री नम्बर 14425 पर ऐसे 10 से 19 बर्ष तक के बच्चे फोन कर सकते हैं जिनके मन में स्वंय को नुकसान पहुंचाने के विचार आ रहे हों, नशे की लत अथवा सोशल मीडिया की लत लग गई हो, किसी भी हिंसा का शिकार हो, किसी परिजन या बाहरी व्यक्ति द्वारा यौन शोषण हो रहा हो, यौन एवं प्रजनन से संबंधित समस्याएं जैसे महाबारी, शारीरिक परिवर्तन आदि, लिंग के आधार पर भेदभाव से उत्पन्न तनाव, अथवा भावनात्मक चिंताएं सता रही हो, पढाई या कैरियर से संबंधित तनाव हो रहा हो।

इनका कहना है-
किशोर स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य विभाग आरकेएसके प्रोग्राम के माध्यम से तेजी से काम कर रहा है । शिक्षा विभाग के साथ मिलकर बडी संख्या में शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है। जिसमें टोल फ्री नम्बर 14425 के संबंध में शिक्षकों को बता कर समस्या ग्रस्त बच्चों पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे उनका सुखद और बेलेंसिब जीवन बनाया जा सके।
डॉ पवन जैन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
जिला शिवपुरी

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