जनसंख्या वृद्धि के खरे एवं दुष्परिणामों को लेकर दी जानकारीशिवपुरी- विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर समाजसेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन एवं शासकीय कन्या शिक्षा परिसर के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 100 बालिकाओं को जनसंख्या वृद्धि के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में संस्था की ओर से करण लाक्ष्यकार एवं राजेश गोयल ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए जनसंख्या नियंत्रण की आवश्यकता, संसाधनों पर बढ़ते दबाव और क जिम्मेदार नागरिक होने के महत्व पर प्रेरणादायक बातें साझा कीं। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती प्रतिभा अवस्थी (लेक्चरर) रहीं, जिन्होंने अत्यंत प्रभावशाली रूप से कहा कि छोटा परिवार न केवल खुशहाल जीवन की नींव है, बल्कि एक समृद्ध राष्ट्र का सपना भी है। इस वर्ष की थीम युवाओं को एक निष्पक्ष और आशावान दुनिया में अपने मनचाहे परिवार बनाने के लिए सशक्त बनाना। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जनसंख्या वृद्धि के खतरे और समाधानों के प्रति जागरूक करना,
शिक्षा और संवाद के माध्यम से सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, परिवार नियोजन और संसाधनों के संतुलन की आवश्यकता समझाना रहा, इसके साथ ही बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणाम को लेकर बेरोजगारी और गरीबी में वृद्धि, स्वास्थ्य और शिक्षा पर दबाव एवं पर्यावरणीय असंतुलन को इसका प्रमुख कारण बताया। विश्व जनसंख्या दिवस का इतिहास इस दिन को 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा मान्यता दी गई। 11 जुलाई 1987 को जब विश्व जनसंख्या 5 अरब पार हुई थी, उसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर साल विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। प्रोग्राम में प्राचार्य एस पी भार्गव, योगेंद्र सिंह सेंगर, प्रदीप झा, पुष्पेंद्र कुशवाह, ओमकार सिंह, प्रवीण तिवारी, आयुष कुमार पाठक, श्रीमती पूजा गोयल एवं श्रीमती अनीता आर्य का विशेष सहयोग रहा।


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