मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी सवालों के घेरे में, मेडिकल कॉलेज में पूर्व में हो चुका है फर्जीबाड़ाशिवपुरी। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज एक बार फिर से भर्ती प्रक्रिया को लेकर चर्चा में आ गया है। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक (पीडियाट्रिक) पद की श्रेणी परिवर्तन को लेकर विवाद गहरा गया है। यहां पर सहायक प्राध्यापक (पीडियाट्रिक) पद की भर्ती के लिए वर्ष 2024 में निकाली गई विज्ञप्ति में इस पद को ओबीसी श्रेणी में रखा गया था लेकिन एक साल तक पद पर भर्ती लटकी रही और अब एक साल बाद पद में अचानक श्रेणी परिवर्तन कर दिया गया और इसे सामान्य श्रेणी में घोषित कर दिया गया। अचानक आरक्षण श्रेणी में किए गए इस पर बदलाव से मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों पर उंगलियां उठ रही हैं। अचानक यह पद परिवर्तन क्यों किया गया है। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज के डीन सहित वरिष्ठ अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं।
आरक्षक रोस्टर में अचानक परिवर्तन सवालों के घेरे में
शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक (पीडियाट्रिक) पद की भर्ती में अचानक आरक्षण ओबीसी पद को सामान श्रेणी में किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि किस आदेश से यह परिवर्तन किया गया उसको सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कॉलेज द्वारा जारी विज्ञप्ति क्रमांक 14583/स्था./राज./2024 दिनांक 04/12/2024 में सहायक प्राध्यापक (पीडियाट्रिक) का 01 पद ओबीसी श्रेणी के लिए दर्शाया गया था। इसके पश्चात जारी विज्ञप्ति क्रमांक 10929/स्था./राज./2024 दिनांक 28/10/2025 में उक्त पद को सामान्य (क्र) श्रेणी में प्रदर्शित किया गया है। इस अचानक परिवर्तन को लेकर अभ्यर्थियों और स्थानीय स्तर पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। इस मामले में मांग उठ रही है कि इस श्रेणी परिवर्तन से संबंधित आदेश सार्वजनिक किया जाए। रोस्टर रजिस्टर की स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि अनियमितता पाई जाए तो पद को पुन: ओबीसी श्रेणी में बहाल किया जाए।
पूर्व में भी हो चुका है भर्ती घपला
शिवपुरी में जब से मेडिकल कॉलेज बना है तब से यह विवादों के घेरे में है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के दौरान यहां पर विभिन्न पदों में भर्ती का मामला भी चर्चा में आया था। तब यहां नियमों को तक पर रखकर वरिष्ठ अधिकारियों ने भर्ती की थी। तत्कालीन कमलनाथ कांग्रेस सरकार के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में विधानसभा में जांच की घोषणा की थी। लेकिन मेडिकल कॉलेज में हुई भर्ती घोटाले की जांच का मामला आज तक अधर में लटका हुआ है।

No comments:
Post a Comment