भाई के खिलाफ संपत्ति विवाद बहिन ने दर्ज कराया था प्रकरणशिवपुरी-शहर शिवपुरी के व्यापारी दीपेश पुत्र धर्मपाल सांखला के विरूद्ध उनकी बहन तृप्ती नाहटा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्राची शर्मा उपाध्याय के न्यायालय में फर्जी शपथ पत्र तथा बसियत नामा प्रस्तुत करने संबंधी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया हैं। उसमें आरोपी भाई दीपेश सांखला की अग्रिम जमानत जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र सोनी ने मंजुर कर ली।
जानकारी के अनुसार तृप्ती नाहटा पुत्री स्व. धर्मपाल सांखला ने अपने सगे भाई दीपेश सांखला के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवपुरी श्रीमती प्राची शर्मा के न्यायालय में परिवाद दायर किया है। है। उक्त परिवाद में उसने बताया है कि उसके भाई दीपेश सांखला ने फर्जी वसीयत बना ली है और बहनों का फर्जी शपथ पत्र बनवाकर पिताजी की संपत्तियों अपने नाम पर नामातंरित करवाली हैं। तृप्ती नाहटा के उक्त परिवाद पत्र को न्यायालय ने धारा 318 (4), 338, 340(2) के अंतर्गत दीपेश सांखला के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराकर उसका वारंट जारी किया था उक्त प्रकरण में दीपेश सांखला ने अग्रिम जमानत हेतु आवेदन पत्र अपने अभिभाषक श्री भुवन दण्डौतिया एवं राहुल दण्डौतिया एड. के माध्यम से प्रस्तुत किया था। जिसे जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद सोनी ने स्वीकार करक करते हुए दीपेश सांखला को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान करते हुए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

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