कथा में राजनीतिक को लेकर दिया प्रेरक उद्बोधन कहा धर्मपूर्वक होनी चाहिए राजनीतिशिवपुरी-शहर में विष्णु मंदिर के समीप मोहन नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्रीबृजभूषणमहाराज जी ने बताया कि राजनीति में अपना स्वार्थ जो लोग खोजते हैं ऐसे मनुष्य अपना पतन तो करते ही हैं वह देश का पतन भी साथ-साथ में कर रहे हैं क्योंकि जो स्वार्थ के बस पद पर बैठे हैं और पद पर बैठकर के उस पद का जो दुरुपयोग कर रहे हैं एवं जन जन में जो लाभ पहुंचाना चाहिए, उसको ना पहुंचा करके सिर्फ अपने स्वार्थ साधन में लगे हुए है, ऐसे राजनेता एवं ऐसे जनप्रतिनिधि इस देश के लिए एवं समाज के उत्थान के लिए सबसे बड़े दुश्मन हैं।
आचार्य जी ने बताया कि राजनीति धर्मपूर्वक होना चाहिए एवं राजनीति में धार्मिक लोगों का प्रवेश होना चाहिए, यही भारतीय संस्कृति का इतिहास रहा है एवं भारतीय संस्कृति में सदा से ही राजनीति में धर्म का स्थान बहुत उच्च पद पर रहा है। महाराज श्री ने कथा के पंचम दिवस सुंदर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन सुनाया और कहा कि भगवान श्री कृष्ण नंदबाबा एवं यशोदा के यहां पर आकर के सुंदर बाल लीलाएं की भगवान ने बचपन में पूतना का उद्धार किया, बकासुर का उद्धार किया, भगवान ने ब्रह्मा जी का मान मर्दन किया, ब्रह्मा जी को जो अहंकार था एवं भगवान के प्रति जो उनकी भ्रम बुद्धि हो गई थी, उसको भगवान ने दूर किया एवं ब्रह्मा जी के लिए पुन: दिव्य ज्ञान भगवान ने प्रदान किया।
आचार्य श्री ने कथा के अंत में सुंदर श्रीगोवर्धन लीला का वर्णन सुनाया और कहा कि गोवर्धन भगवान साक्षात श्री कृष्ण है एवं गोवर्धन पर्वत की पूजा करने से भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं एवं मनवांछित फल प्रदान करते हैं, गोवर्धन का अर्थ गौ माता की सेवा हो, गौ माता की वृद्धि हो एवं गौ माता की रक्षा हो, जब तक गौ माता की रक्षा होगी तब तक भारत देश की महिमा अटल बनी रहेगी और जिस समय गौ माता समाप्त हो जाएगी, उसी समय इस पृथ्वी पर बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा, कहने का तात्पर्य है कि जब तक गौ सुरक्षित हैं तब तक यह पृथ्वी भी सुरक्षित है इसलिए सभी को गौ रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। इस कथा का आयोजन शांतिलाल गुप्ता, दीपक गुप्ता, राजीव गुप्ता एवं छवेंद्र गुप्ता आयोजन कर रहे हैं कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया, कथा 6 फरवरी तक होगी।


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