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Monday, May 18, 2026

इंटरसिटी बस हादसे में मासूम अनय की मौत पर अग्रवाल व जैन समाज ने निकाली रैली, मांगा न्याय




कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर दिया हर संभव सहयोग का आश्वासन

शिवपुरी -इंटरसिटी बस में जिंदा जले 4 साल के मासूम अनय जैन की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को न्याय की गुहार लगाते हुए अग्रवाल समाज एवं जैन समाज सहित शिवपुरी की जनता और तीन विधायकों का गुस्सा कलेक्ट्रेट की तपती सड़क पर फूट पड़ा। बस संचालक मुर्दाबाद और प्रशासन होश में आओ के नारों के बीच माहौल तब भावुक हो गया, जब कलेक्टर अर्पित वर्मा खुद प्रदर्शनकारियों के बीच सड़क पर बैठ गए और पीडि़त पिता को हाथ पकड़कर अपने चेंबर तक ले गए। इस अवसर पर मध्यदेशीय अग्रवाल समाज अध्यक्ष सुमत गुप्ता (ख्यावदा वाले) के नेतृत्व में अग्रवाल समाज की ओर पीडि़त परिवार को न्याय प्रदान करने को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया और दोषी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अग्रवाल व जैन समाज के द्वारा मिलकर हाथों में तख्तियां लेकर इस घटना के प्रति रोष व्यक्त किया गया।

रैली निकालकर कलेक्टे्रट के द्वार पर बैठी भीड़
सोमवार दोपहर, जब आसमान से सूरज आग उगल रहा था, तब शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह के नेतृत्व में सैकड़ों लोग रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के मौजूद न होने पर आक्रोशित भीड़ मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गई। नारेबाजी इतनी तेज थी कि पूरा परिसर गूंज उठा, बाद में कोलारस विधायक महेंद्र यादव भी इस मुहिम में शामिल हुए।

पिता का छलका दर्द तो सबकी आंखें हुई नम
धरने पर बैठे मासूम के पिता अभिषेक जैन का दर्द जब छलक कर बाहर आया तो सबकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कलेक्टर के सामने सीधे आरोप लगाते हुए कहा, मेरे बेटे को साजिशन जलाया गया है। बस में जलने की गंध पहले से आ रही थी, फिर भी लापरवाही बरती गई। जब आग भड़की तो स्टाफ हमें बचाने के बजाय भाग खड़ा हुआ। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने शिकायत लिखने के बजाय हमें 3 घंटे थाने में बिठाए रखा।

कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, पिता को चैंबर तक ले गए, कार्यवाही का आश्वासन
जैसे ही कलेक्टर अर्पित वर्मा मौके पर पहुंचे, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए सड़क पर ही बैठकर अभिषेक का दर्द सुना। माहौल को बिगड़ता देख कलेक्टर खुद पीड़ित पिता को सहारा देकर पकड़ते हुए अपने चैंबर तक ले गए। चैंबर में तीनों विधायकों की मौजूदगी में कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन के इस रुख के बाद नारेबाजी में से कलेक्टर का नाम तो हट गया, लेकिन बस संचालक और पुलिस के खिलाफ गुस्सा अब भी बरकरार है।

विधायक देवेंद्र जैन ने कहा यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि बड़ी लापरवाही
प्रदर्शन के दौरान शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन पूरी तरह से पीडि़त परिवार के साथ ढाल बनकर खड़े नजर आए। उन्होंने न केवल रैली का नेतृत्व किया, बल्कि कलेक्ट्रेट की तपती धूप में जनता के साथ बैठकर प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विधायक जैन ने अभिषेक जैन को ढांढस बंधाते हुए सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि वे हर कदम पर उनके साथ हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि बड़ी लापरवाही है, और जब तक मासूम अनय को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।

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