---------------------------------News Website By 𝐑𝐚𝐣𝐮 𝐘𝐚𝐝𝐚𝐯--------------------------------

𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Wednesday, May 13, 2026

महिला चिकित्सक डॉ.शिखा जैन की लापरवाही से हुई प्रसूता की मौत! परिजनों ने की कार्यवाही की मांग


जनसुनवाई में कलेक्टर अर्पित वर्मा से शिकायत कर पीडि़त परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

शिवपुरी। जिले के नवागत कलेक्टर अर्पित वर्मा के द्वारा प्रति मंगलवार को की जाने वाली जनसुनवाई में एक शिकायत ऐसी भी आई जिसमें दो मासूम बच्चों और एक पति ने असमय अपनी पत्नि को गर्भावस्था के दौरान खो दिया। इस मामले में पीडि़त परिजनों ने महिला चिकित्सक डॉ.शिखा जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए लापरवाही को दोषी माना और इस मामले में कलेक्टर से कार्यवाही की मांग की। इस संबंध में गर्भावस्था के दौरान के सभी चिकित्सकीय दस्तावेज और जिस अस्पताल में डॉ.शिखा जैन की देखरेख में मृतका निधि अग्रवाल का उपचार चला लेकिन ऐन वक्त पर प्रसव से पूर्व प्रसूता की हालत बिगड़ी और उपचार के लिए सुखदेव हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां उपचार के बाद गंभीर हालत में मेडीकल कॉलेज में ले जाया गया जहां महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पीडि़त परिजनों ने जिला कलेक्टर से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए कार्यवाही की मांग की है।

फरियादी गगन अग्रवाल निवासी सर्वोदय नगर सिद्धेश्वर रोड़ शिवपुरी ने गत दिवस कलेक्टर अर्पित वर्मा को जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि घटना बीती 28 मार्च 2026 की है जब उसकी पत्नि श्रीमती निधि अग्रवाल को प्रसव के लिए सुखदेव हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहाँ मेडिकल कॉलेज की गाइनोकॉलोजिस्ट डॉ. शिखा जैन के द्वारा गर्भावस्था के दौरान पूरे समय उपचार किया गया और उन्हीं के द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन भी किया गया लेकिन इस ऑपरेशन के बाद ही निधि अग्रवाल की हालत बिगडऩे लगी और उसे आनन फानन में डॉ.शिखा जैन के द्वारा सुखदेव हॉस्पिटल से मेडीकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान निधि की मौत हो गई। इस पूरे मामले में पीडि़त परिजनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई कि दो मासूम बच्चों की मॉं और एक पति की पत्नि का असमय उपचार के दौरान मृत हो जाना चिकित्सकीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशाना है इसलिए इस पूरे मामले की जांच की जाए और मामले में जो भी दोषी हो उसके विरूद्ध कार्यवाही हो।

ऑपरेशन बाद से ही निधि की तबियत बिगड़ी
फरियादी गगन अग्रवाल का आरोप है कि डॉ.शिखा जैन के द्वारा किए गए ऑपरेशन के बाद से ही उनकी पत्नि निधि अग्रवाल की तबीयत बिगडऩे लगी थी, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा उनकी उचित निगरानी नहीं की गई, निधि को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और यूरिन आना भी बंद हो गया था। इन गंभीर लक्षणों के बारे में बार-बार बताने के बावजूद डॉक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब स्थिति हाथ से निकल गई, तब उन्हें मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान निधि की मौत हो गई। इस संबंध में गगन अग्रवाल के द्वारा शिकायत के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर को जनसुनवाई में सौंप दिए हैं।

कलेक्टर ने दिया कार्यवाही का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने शिकायतकर्ता को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

No comments: