दी समझाईश, नपाध्यक्ष की मनमानी बर्दाश्त योग्य नहीं, नगर द्ववेषपूर्ण भावना से नहीं अपनत्व से चलता हैशिवपुरी- नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा को आज उस समय झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप से बैरंग लौटना पड़ा जब उन्हें नियमों का हवाला देकर पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी के द्वारा समझाईश दी गई, हालांकि इस दौरान नगर के विधि सलाहकार अधिवक्ता शैलेन्द्र समाधिया भी मौजूद रहे जिन्होंने भी विधि सम्मत कार्यवाही की बात कही और कहा कि निश्चित रूप से यदि माननीय उच्च न्यायालय के फैसलों का पालन ही नगर पालिका को कराना है तो इसके लिए विधिवत कार्यवाही करनी चाहिए, निचली अदालत में अर्जी हाईकोर्ट के फैसले का पालन करने के लिए आवेदन करते, वहां से अनुमति मिलने के बाद संबंधित पंप संचालक को नोटिस जारी करते और निर्धारित समय देने के पश्चात यदि नियमों का पालन नहीं होता है तो नपाध्यक्ष और नपा अमला कार्यवाही के लिए स्वतंत्र है, लेकिन यहां मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के अवमानना का सामना करने से नपा को बचना चाहिए और भविष्य में माननीय न्यायालय के निर्णयों का अध्ययन कर विधि सम्मत ही कार्यवाही करना चाहिए।
अधिवक्ता शैलेन्द्र समाधि से पूर्व इसी तरह की समझाईश गत दिवस गांधी पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी के द्वारा भी अपने प्रेस बयान के माध्यम से नपाध्यक्ष को दी गई थी बाबजूद इसके नपाध्यक्ष ने आनन फानन में प्रेसवार्ता कर अपनी कार्यप्रणाली को मनमाने रूप में करने को लेकर चेतावनी जारी कर दी और कहा कि सुबह 10 बजे वह गांधी पेट्रोल पंप को तोडऩे जेसीबी लेकर पहुंचेगी। हालांकि गांधी पंप पर जेसीबी भी पहुंची और नपाध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा भी पहुंची लेकिन यहां नियमों का पालन करते हुए पंप संचालक समीर गांधी के द्वारा बार-बार कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में मामले की पैरवी चल रही है और सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा नपा को गांधी पंप सहित आसपास के क्षैत्र में किसी भी तरह की गतिविधि करने से मौखिक तौर पर रोक लगाई गई है हालांकि इसका आदेश नपा के पास पहुंच जाएग और अब मामले की सुनवाई आज 6 अक्टूबर को होगी। इसके साथ ही उन्होंने नपाध्यक्ष को समझाया कि नगर द्ववेषपूर्ण भावना से नहीं अपनत्व से चलता है, इसका ध्यान रखें। गांधी पेट्रोल पंप पर नपा की जेसीबी और डम्फर लेकर पहुंची नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा को यहां बिना कार्यवाही के ही विरोध का सामना करते हुए बैरंग लौटना पड़ा और इसके बाद पंप पर कार्यरत कर्मचारियों ने भी नपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की।
सर्वोच्च न्यायालय का मामला देख शासन-प्रशासन का नहीं मिला सहयोग
बात जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय की हो तो यहां शासन-प्रशासन भी पूरे मामले में गंभीरता के साथ विचार कर कार्यवाही का कदम बढ़ाता है। इस मामले में भी कुछ यही हुआ, भले ही उच्च न्यायालय से गांधी पेट्रोल पंप की लीज निरस्त हो गई हो लेकिन नपा ने सर्वोच्च न्यायालय में कैवीएट भी लगाई है ऐसे में दूसरा पक्ष भी सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा है, जब मामला ही सर्वोच्च न्यायालय में हो और उसे अनदेखी कर कार्यवाही की जाए तो इससे माननीय सर्वोच्च न्यायालय की आपराधिक अवमानना का सामना भी करना पड़ सकता है। यही कारण रहा कि नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के द्वारा जिस जोश-खरोश में गांधी पेट्रोल पंप को तोडऩे की गरज दिखाई थी उसमें शासन-प्रशासन का सहयोग भी उन्हें नहीं मिला और वह बिना किसी कार्यवाही के ही बैंरंग लौट गई।
बात जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय की हो तो यहां शासन-प्रशासन भी पूरे मामले में गंभीरता के साथ विचार कर कार्यवाही का कदम बढ़ाता है। इस मामले में भी कुछ यही हुआ, भले ही उच्च न्यायालय से गांधी पेट्रोल पंप की लीज निरस्त हो गई हो लेकिन नपा ने सर्वोच्च न्यायालय में कैवीएट भी लगाई है ऐसे में दूसरा पक्ष भी सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा है, जब मामला ही सर्वोच्च न्यायालय में हो और उसे अनदेखी कर कार्यवाही की जाए तो इससे माननीय सर्वोच्च न्यायालय की आपराधिक अवमानना का सामना भी करना पड़ सकता है। यही कारण रहा कि नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के द्वारा जिस जोश-खरोश में गांधी पेट्रोल पंप को तोडऩे की गरज दिखाई थी उसमें शासन-प्रशासन का सहयोग भी उन्हें नहीं मिला और वह बिना किसी कार्यवाही के ही बैंरंग लौट गई।
लोगों व व्यापारियों ने जेसीबी के सामने विरोध जताते हुए की नारेबाजी
सुबह से ही गांधी पेट्रोल पंप पर नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के द्वारा दी गई कार्यवाही की चेतावनी को लेकर स्थानीय लोग, व्यापारी और पंप पर कार्यरत कर्मचारी परेशान थे और जैसे ही गायत्री शर्मा जेसीबी लेकर पंप पर पहुंची तो यहां स्थानीय लोगों, व्यापारियों ने जेसीबी के सामने ही अपना विरोध दर्ज कराया और नपाध्यक्ष के विरूद्ध नारेबाजी की। लेकिन जब जेसीबी वहां से हट गई तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। यहां इस हंगामे के दौरान आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे जिन्होंने भी अपनी-अपनी चर्चाओं में नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा की आनन-फानन में की जाने वाली इस कार्यप्रणाली को गलत ठहराया और इसका विरोध किया। सोशल मीडिया पर भी सुबह से ही लगातार नपाध्यक्ष के मनमाने रवैये को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाऐं देखने को मिल रही थी जिसमें अधिकांश लोग इस पूरे मामले में नपाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
सुबह से ही गांधी पेट्रोल पंप पर नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा के द्वारा दी गई कार्यवाही की चेतावनी को लेकर स्थानीय लोग, व्यापारी और पंप पर कार्यरत कर्मचारी परेशान थे और जैसे ही गायत्री शर्मा जेसीबी लेकर पंप पर पहुंची तो यहां स्थानीय लोगों, व्यापारियों ने जेसीबी के सामने ही अपना विरोध दर्ज कराया और नपाध्यक्ष के विरूद्ध नारेबाजी की। लेकिन जब जेसीबी वहां से हट गई तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। यहां इस हंगामे के दौरान आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे जिन्होंने भी अपनी-अपनी चर्चाओं में नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा की आनन-फानन में की जाने वाली इस कार्यप्रणाली को गलत ठहराया और इसका विरोध किया। सोशल मीडिया पर भी सुबह से ही लगातार नपाध्यक्ष के मनमाने रवैये को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाऐं देखने को मिल रही थी जिसमें अधिकांश लोग इस पूरे मामले में नपाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
इनका कहना है-
हमने तो पहले ही कहा था कि कानून सम्मत कार्यवाही नपा करें, हम सहयोग करने को तैयार है, चूंकि मामला ही जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है तब आनन फानन में इस तरह की कार्यवाही करने की धमकी देकर उसे अंजाम देना कहीं ना कहीं द्ववेषपूर्ण भावना प्रतीत होती है, बाबजूद इसके हम नियम निर्देशों के तहत कानून का पालन करते हुए सदैव नपा को सहयोग देने के लिए तैयार है।
समीर गांधी
संचालक, गांधी पेट्रोल पंप, शिवपुरी


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