शिवपुरी-डॉ हैनिमैन होम्योपैथिक वेलफेयर एसोसिएशन शिवपुरी के तत्वाधान में 10 अप्रैल डॉक्टर सैमुअल हैनिमैन की 264 वी जयंती के अवसर पर एसोसिएशन के सदस्य डॉक्टरों द्वारा डॉ हैनिमैन जी की जयंती का आयोजन रखा गया। जयंती पर डॉ हैनिमैन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए एसोसिएशन के सचिव डॉ योगेश मिश्रा ने बताया कि धरती पर ईश्वर के बाद अगर कोई दूसरा नंबर आता है तो वह चिकित्सक का आता है आप सभी चिकित्साधर्म का निर्वहन करें और पीडि़त मानवता की सेवा करें और हम देश के समस्त होम्योपैथिक चिकित्सक आज यह प्रण लें कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को विश्व मे प्रथम चिकित्सा पद्धत्ति बनाने में अपना सर्वस्व दे।
डॉक्टर हैनिमैन का जन्म 10 अप्रैल सन 1755 को जर्मनी के माईसेन नगर एक निर्धन परिवार में हुआ आपने एलोपैथी से रूष्ठ की उपाधि 24 वर्ष की आयु प्राप्त की परंतु प्रचलित चिकित्सा पद्धति एलोपैथी पर उनकी निष्ठा नहीं जमी और एलोपैथी पद्धति बहुत ही कष्टदायक होती थी उन्होंने एक ऐसी पद्धति की खोज करने का प्रण लिया जो सहज-सरल बिना किसी कष्ट के रोगी को पूर्ण रूप से रोग मुक्त करे तब 1790 में मटेरिया मेडिका का जर्मन भाषा में अनुवाद करते हुए उन्होंने कुनैन नामक दवा से होम्योपैथी की खोज की ।आज होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से जटिल ,असाध्य रोगों के साथ साथ शरीर में कई सर्जिकल रोगों में भी बिना पीड़ा और महंगी महंगी सर्जरी के खर्च के बिना भी रोगों का उपचार व निदान होम्योपैथी से संभव हुआ है आज होम्योपैथी का संपूर्ण विश्व में प्रचलन बहुत अधिक संख्या में बढ़ गया है आज विश्व की 57 प्रतिशत जनता होम्पैथी चिकित्सा का उपयोग कर स्वास्थ्य लाभ ले रही है। एसोसिएशन का उद्देश्य है कि होम्योपैथी का प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जीवनी शक्ति से रोगमुक्त करने का कार्य एसोसिएशन के सदस्य करेंगे जयंती के अवसर पर डॉ राकेश कुमार राठौर,डॉ हेमंत गौतम,डॉ नृपेंद्र रघुवंशी,डॉ धर्मेंद्र दीक्षित ,डॉ वीरेन्द्र वर्मा,डॉ प्रवीण वर्मा,डॉ मनीष जैन आदि उपस्तिथ हुए।
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