अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे बड़े भ्रष्टाचार और प्रताडऩा के किए किए खुलासेशिवपुरी। जिले के सभी आठ विकासखंडों में बच्चों का पेट भरने वाली महिला स्व-सहायता समूहों की रसोई खुद भुखमरी की कगार पर आ गई है। मंगलवार को अखिल भारतीय महिला स्व-सहायता समूह की जिलाध्यक्ष रूबी पाराशर के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में महिलाओं ने सरकारी सिस्टम में बैठे अफसरों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे बड़े भ्रष्टाचार और प्रताडऩा के सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
बंद पोर्टल का दबाव, एंट्री के नाम पर 10,000 की मांग!
महिलाओं का सबसे गंभीर आरोप है कि जिला पंचायत के आदेश पर उन पर एसआरएलएम पोर्टल पर पंजीयन कराने का भारी दबाव बनाया जा रहा है, जबकि यह पोर्टल लंबे समय से बंद है। हद तो तब हो गई जब कुछ विभागीय कर्मचारियों ने इस बंद पोर्टल पर बैकडोर एंट्री और पंजीयन कराने के नाम पर गरीब महिलाओं से 10-10 हजार रुपए की रिश्वत मांगनी शुरू कर दी। महिलाओं ने रोष जताते हुए इस घूसखोरी की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं का सबसे गंभीर आरोप है कि जिला पंचायत के आदेश पर उन पर एसआरएलएम पोर्टल पर पंजीयन कराने का भारी दबाव बनाया जा रहा है, जबकि यह पोर्टल लंबे समय से बंद है। हद तो तब हो गई जब कुछ विभागीय कर्मचारियों ने इस बंद पोर्टल पर बैकडोर एंट्री और पंजीयन कराने के नाम पर गरीब महिलाओं से 10-10 हजार रुपए की रिश्वत मांगनी शुरू कर दी। महिलाओं ने रोष जताते हुए इस घूसखोरी की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
4 महीने से नहीं मिला सरकारी राशन
ज्ञापन में बताया गया कि फरवरी 2026 से मध्यान्ह भोजन योजना की राशि का भुगतान अटका हुआ है, जिससे महिलाएं कर्जदार हो चुकी हैं। रसोइयों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है। वहीं, मार्च से जून तक का सरकारी खाद्यान्न (राशन) आवंटन जारी होने के बावजूद समूहों तक नहीं पहुंचा। महिलाएं उधार का राशन लाकर बच्चों को खाना खिलाने को मजबूर हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि फरवरी 2026 से मध्यान्ह भोजन योजना की राशि का भुगतान अटका हुआ है, जिससे महिलाएं कर्जदार हो चुकी हैं। रसोइयों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है। वहीं, मार्च से जून तक का सरकारी खाद्यान्न (राशन) आवंटन जारी होने के बावजूद समूहों तक नहीं पहुंचा। महिलाएं उधार का राशन लाकर बच्चों को खाना खिलाने को मजबूर हैं।
सेल्समैन डकार रहे राशन, प्रभारी को हटाने की मांग
सांझा चूल्हा योजना में हो रहे बड़े फर्जीवाड़े को उजागर करते हुए महिलाओं ने बताया कि राशन दुकानों के सेल्समैन खुद ही फिंगरप्रिंट लगाकर राशन निकाल लेते हैं और बाद में समूहों को अंगूठा दिखाने की बात कहकर भगा देते हैं। महिलाओं ने मांग की है कि:
भ्रष्टाचार रोकने के लिए राशन वितरण के वक्त समूह के अध्यक्ष और सचिव के फिंगरप्रिंट अनिवार्य हों।
सांझा चूल्हा योजना में हो रहे बड़े फर्जीवाड़े को उजागर करते हुए महिलाओं ने बताया कि राशन दुकानों के सेल्समैन खुद ही फिंगरप्रिंट लगाकर राशन निकाल लेते हैं और बाद में समूहों को अंगूठा दिखाने की बात कहकर भगा देते हैं। महिलाओं ने मांग की है कि:
भ्रष्टाचार रोकने के लिए राशन वितरण के वक्त समूह के अध्यक्ष और सचिव के फिंगरप्रिंट अनिवार्य हों।
मांगों पर नही दिया ध्यान होगा उग्र आन्दोलन
समूह की जिला अध्यक्ष रूबी पाराशर ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अटका हुआ भुगतान, खाद्यान्न की सप्लाई और इस अवैध वसूली पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो जिलेभर के सभी आठ ब्लॉक के महिला स्व-सहायता समूह काम बंद कर उग्र आंदोलन की राह पकड़ेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
समूह की जिला अध्यक्ष रूबी पाराशर ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अटका हुआ भुगतान, खाद्यान्न की सप्लाई और इस अवैध वसूली पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो जिलेभर के सभी आठ ब्लॉक के महिला स्व-सहायता समूह काम बंद कर उग्र आंदोलन की राह पकड़ेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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