वार्ड क्रं.01 में मेडीकल कॉलेज के पीछे किया गया वृहद पौधरोपणशिवपुरी-पर्यावरण संरक्षण एवं शहरी हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वसुधा विकास संस्थान, शिवपुरी द्वारा एलआईसी एचएफएल ग्रीन टूमोरो प्रोजेक्ट के सौजन्य एवं वित्तीय सहयोग से शासकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित आवासीय कॉलोनी में मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती गायत्री शर्मा, नपाध्यक्ष द्वारा पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर अतिथि जसवंत राठौर मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद, एवं अमरदीप शर्मा, पार्षद, वार्ड क्रमांक 01 ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर लगभग 2500 स्थानीय एवं देशी प्रजातियों के पौधों का मियावाकी पद्धति से रोपण प्रारंभ किया गया।
इनमें आँवला, जंगल जलेबी, बहेड़ा, करच, महुआ, नीम, सीताफल, आम, जामुन, खैर एवं केसिया सियाम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं, जो क्षेत्र की जैव विविधता को समृद्ध करने तथा दीर्घकालीन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस कार्य के लिए वार्ड क्रं.1 के पार्षद अमरदीप शर्मा भी लंबे समय से प्रयासरत रहे जिनके द्वारा वर्षाकाल के इस मौसम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण कार्य कराया गया।
कार्यक्रम में वसुधा विकास संस्थान के अध्यक्ष हैप्पीडेज़ स्कूल की संचालिका श्रीमती गीता दीवान, एलआईसी एचएफएल ग्वालियर शाखा प्रबंधक सतीश शर्मा, वसुधा विकास संस्थान से जिला समन्वयक प्रदीप सिंह तोमर एवं वसुधा टीम, हैप्पीडेज़ स्कूल के विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। मुख्य अतिथि श्रीमती गायत्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा ऐसे सामुदायिक प्रयासों से ही हरित एवं स्वच्छ शहर का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में वसुधा विकास संस्थान के अध्यक्ष हैप्पीडेज़ स्कूल की संचालिका श्रीमती गीता दीवान, एलआईसी एचएफएल ग्वालियर शाखा प्रबंधक सतीश शर्मा, वसुधा विकास संस्थान से जिला समन्वयक प्रदीप सिंह तोमर एवं वसुधा टीम, हैप्पीडेज़ स्कूल के विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। मुख्य अतिथि श्रीमती गायत्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा ऐसे सामुदायिक प्रयासों से ही हरित एवं स्वच्छ शहर का निर्माण संभव है।
श्री जसवंत राठौर ने मियावाकी पद्धति को शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की प्रभावी तकनीक बताते हुए इस पहल की सराहना की। वहीं अमरदीप शर्मा ने स्थानीय नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण का आह्वान किया। वसुधा विकास संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र मेवाड़ा ने बताया कि मियावाकी पद्धति के माध्यम से कम स्थान में घने एवं प्राकृतिक वन विकसित किए जा सकते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता का संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, विद्यार्थियों, हृस्स् स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से पौधारोपणद्ध कर हरित शिवपुरी-स्वच्छ शिवपुरी का संदेश दिया। अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामुदायिक नींव रखी।


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