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Saturday, December 21, 2019

धूमधाम से जैन मंदिर में आज मनाया जा रहा है भगवान पाश्र्वनाथ का जन्म कल्याणक

शिवपुरी। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पाश्र्वनाथ का जन्म कल्याणक आज ओसवाल गली स्थित पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जन्म कल्याणक के अवसर पर जैन मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम चलेंगे।
आज पहले दिन सांखला परिवार द्वारा स्व. इंदरमल सांखला और स्व. श्रीमति कमलाबाई सांखला की पुण्य स्मृति में भगवान पाश्र्वनाथ के पंच कल्याणक पौषवदी दशमी 21 दिसंबर शनिवार को पंच कल्याणक पूजा का आयोजन किया जा रहा है। पूजा के पश्चात साधार्मिक वात्सलय का आयोजन होगा। जन्म कल्याणक अवसर पर श्रीपाश्र्व जैन पाठशाला के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आज शाम साढ़े 7 बजे से जैन मंदिर में जयपुर से पधारी श्रीमति सीमा दफ्तरी अपनी टीम सहित भक्ति राष्ट्र की गंगा बहाएंगी और 22 दिसंबर को सुबह साढ़े 9 बजे से जैन मंदिर को दादा गुरू देवता भक्तिमय पूजन होगा। इसके पश्चात समाज के 40 वरिष्ठजनों का उनके परिवारजनों द्वारा सम्मान किया जाएगा। साधार्मिक वात्सलय के पश्चात कार्यक्रम का समापन होगा। जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ द्वारा जारी प्रेस बयान में अध्यक्ष दशरथमल सांखला ने बताया कि भगवान पाश्र्वनाथ स्वामी के जन्म कल्याणक पर लाभार्थी नरेंद्र कुमारए तेजमलए दीपक कुमारए अशोक कुमार सांखला परिवार द्वारा आज 21 दिसंबर को पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में पंच कल्याण पूजन का आयोजन किया गया है। सांखला परिवार ने अपने पूज्य पिता और पूज्य माता स्वण् इंदरमल जी और स्वण् श्रीमति कमलाबाई सांखला की स्मृति में भगवान पाश्र्वनाथ के जन्म कल्याणक के अवसर पर यह आयोजन किया है। स्वण् इंदरमल सांखला और उनकी धर्मपत्नी श्रीमति कमला सांखला भगवान पाश्र्वनाथ के प्रति अगाध निष्ठा और भक्ति रखते थे। पूजन के पश्चात साधार्मिक वात्सलय का आयोजन है और 21 दिसंबर को शाम साढ़े 7 बजे से पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में भक्ति रस की गंगा बहेगी। इस हेतु जयपुर से श्रीमति सीमा दफ्तरी अपनी टीम के साथ शिवपुरी पधारी हैं। 22 दिसंबर को सुबह साढ़े 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक जैन मंदिर प्रांगण मेें नवकासी का आयोजन है और इसके पश्चात दादा गुरूदेव का पूजन श्रीमति सीमा दफ्तरी द्वारा कराया जाएगा। तत्पश्चात समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान श्री पाश्र्व जैन पाठशाला के सौजन्य से किया जाएगा और इसके पश्चात साधार्मिक वात्सल्य का आयेजन होगा।

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