---------------------------------News Website By 𝐑𝐚𝐣𝐮 𝐘𝐚𝐝𝐚𝐯--------------------------------

𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Friday, February 7, 2020

मनुष्य ने जीवन तो लिया लेकिन उसका महत्व नहीं समझा : डॉ.गिरीश जी महाराज

अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा में बताया मनुष्य को उसके होने का महत्व
शिवपुरी-शहर से करीब 8किमी दूर स्थित प्रसिद्ध प्राचीन स्थल श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर पर अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन श्री बांकड़े बिहारी भागवत सेवा समिति एवं श्रीबांकड़े बिहारी शिक्षा एवं विकास समिति शिवपुरी के तत्वाधान में किया गया है। जहां कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से प्रख्यात श्रीमद् भागवताचार्य डॉ.गिरीश जी महाराज ने अपने मुखारबिन्द से कथा में मनुष्य को उसके होने का महत्व बताया और कहा कि आज मनुष्य ने इस धरती पर अपना जन्म तो लिया लेकिन वह उसने अपने होने का महत्व नहीं रखा जिसके चलते कई लोग जीवन तो जी रहे है लेकिन वह मनुष्य होने का महत्व ही नहीं समझ रहे जबकि इस धरती पर मानव ही वह प्राणी है जो बोलता है, समझता है, स्मरण शक्ति है और वह अन्य प्राणियों को देने का अधिकारी भी है इसलिए मनुष्य केा अपने जीवन को समझना चाहिए कि वह दान पुण्य, सेवा कार्य, परोपकार के कार्य करें तभी यह मनुष्य जीवन सार्थक होगा। इस दौरान कथा में मौजूद श्रद्धालुजन मनुष्य की इस मानवीयता को जानकर भावविभोर हो गए और कई लोगों ने कथा प्रांगण में ही दान व सेवा कार्य को लेकर संकल्प भी लिया। इस दौरान कथा प्रारंभ से पूर्व आचार्य गिरिराजी जी महाराज द्वारा सर्वप्रथम कथा के मुख्य यजमान श्रीमती गायत्री-रामकुमार शर्मा द्वारा श्रीमद् भागवत पूजन कराया गया तत्पश्चात अन्य यजमानों के द्वारा कथा पूजन के साथ श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस की कथा प्रारंभ हुई।कथा आयोजक श्री बांकड़े बिहारी भागवत सेवा समिति एवं श्रीबांकड़े बिहारी शिक्षा एवं विकास समिति शिवपुरी के तत्वाधान में इस आयोजन में धर्मलाभ प्राप्त करने वाले सैकड़ों धर्मप्रेमीजन भी शामिल है जो भगवान की विभिन्न लीलाओं के स्वरूप बनकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है इनमें आर.एन.सिंह, कृपाल सिंह तोमर, सुरेश दुबे, पूर्व विधायक माखन लाल राठौर, सुरेश अग्रवाल, मोहन गर्ग, सूबेदार सिंह कुशवाह मुन्नाराजा, मुकेश सिंह चौहान, रोहिणी अवस्थी, ज्ञानेश माथुर, गजेन्द्र सिंह किरार, विजय गुप्ता, जगदीश राठौर, राकेश गुप्ता, केशव सिंह तोमर, रमेश श्रीवास्तव, आदि भी कथा में विभिन्न प्रसंगों के यजमान बनकर पुण्यलाभार्थी बने है। कथा का सीधा प्रसारण आस्था भजन चैनल के माध्यम से भी प्रसारित किया जा रहा है जो सभी श्रद्धालुजन कथा स्थल पर ना पहुंच सके वह घर बैठकर भी सीधे प्रसारण के माध्यम से श्रीमद् भागवत कथा का धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।

No comments: