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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Wednesday, September 30, 2020

सागर/बहला फुसला कर भगा ले जानेे वाले आरोपी की जमानत खारिज


सागर
। न्यायालय- श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीऋषि विशेष न्यायाधीश नवम अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सागर के न्यायालय ने घुमाने का कहकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने वाले आरोपी पुष्पेन्द्र उर्फ अब्बू अहिरवार पिता कुंदनलाल उम्र 21 वर्ष का जमानत का आवेदन को निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से वरिष्ठ सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन, सागर ने शासन का पक्ष रखा।


घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रकरण में फरियादिया ने रिपोर्ट दर्ज करायी की मेरी बेटी जो कि नाबालिक है दिनांक 24.09.2020 की सुबह करीब 10ः00 बजे मार्केट में खरीदे हुए कपड़े बदलने का कहकर गई थी। जो अभी तक वापिस नहीं आई है। जिसकी तलाश आस पड़ोस एवं रिश्तेदारों में की जिसका कहीं पता नहीं चला। प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।  उदयपुरा पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को  03 लोग होने से रोका तो पीडिता ने बताया कि अब्बू हमें बहला-फुसलाकर घुमाने का कहकर जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बिठाकर  पहले राजघाट ले गया फिर वरमान मंदिर पर ले गया जहां 03 तीन दिन रोके रहा था। उदयपुरा पुलिस ने नाबालिग को दस्तायाव किया। आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा 354, 363, 506, सहपठित धारा 34 भादवि एवं धारा 7 /8 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया एवं तर्क प्रस्तुत किया कि वर्तमान में बालिकाओं के विरूद्ध अपराध बढ़ रहे हैं आरोपी द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रकृति का है माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी पुष्पेन्द्र अहिरवार का प्रस्तुत जमानत हेतु धारा 439 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर दिया गया।


 

चोरी वाले लोहे के एंगल का क्रय-विक्रय करने वाले आरोपीगण की जमानत खारिज

सागर। न्यायालय- श्रीमान रविन्द्र कुमार धुर्वे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, देवरीजिला सागर के न्यायालय ने आरोपीगणसुदामा प्रसाद यादव पिता गोरे लाल यादव निवासी ग्राम हथखोह देवरी जिला सागर एवं सोहिल पिता गुफरान खानका जमानत आवेदन निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से सहा0 जिला अभियोजन अधिकारीमनोज नायक, देवरी ने शासन का पक्ष रखा।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना देवरी पुलिस को मुखविर से सूचना प्राप्त हुई कि चोरी के एंगल की बिक्री की जा रही है। पुलिस मुखविर के बताये स्थान पर पहुची तो वहा एक मकान के पीछे छुपाकर रखे हुए लोहे के एंगल एक छोटा छोटा हाथी क्रमांक एम.पी. 15 एल 0709 में भरें जा रहे थे। पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपीने अपना नाम सुदामा प्रसाद यादव बताया एवं छोटा हाथी वाहन वाले से नाम पूछने पर उसने उसने अपना नाम सोहिल पिता गुफरान खान बताया और सुदामा यादव से लोहे के एंगल खरीदकर गाडी में रखते हुए पाया गया। सुदामा एवं सोहिल से लोहे के एंगल के संबंध में पूछे जाने पर, एंगल कहां से आये है और किसके है, का संतोषजनक जानकारी नही देने पर एंगल चोरी करने के संदेह में गवाहों के समक्ष आरोपी सुदामा यादव के कब्जे से 29 नग लोहे के एंगल जप्त किये गये। आरोपीगण सुदामा प्रसाद यादव एवं सोहिल खान के विरूद्ध धारा 41(1-4) दंप्रसं एवं धारा 379़ भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरिफतार किया गया। आरोपीगणके अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत आवदेन प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया एवं महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किये।माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपीगणसुदामा प्रसाद यादव एवं सोहिल खान का प्रस्तुत जमानत हेतु धारा 437 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर दिया गया। 


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