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Wednesday, December 15, 2021

गीता ज्ञान के लिए मंदिर जरूर जाऐं और कम से कम 2 श्लोक जरूर पढ़ें : आलोक एम.इंदौरिया





गहोई वैश्य समाज के द्वारा संस्कारों की नींव मजबूत करने गीता ज्ञान प्रतियोगिता अनूठा आयोजन : पुरूषोत्तम गौतम

गीता ज्ञान, प्रश्रमंच, क्विज, गीता श्लोक आदि प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागी हुए सम्मानित

शिवपुरी- 5200 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने महाराज के युद्ध के मैदान में अर्जुन को उपदेश दिया था समाज में प्रचलित रीति-रिवाजों को ही वैदिक सनातन धर्म समझने लगा, कर्तव्यपालन करने से पूर्व सोचने लगा, सामने बड़े लोग अपने हैं या पराये, यदि सामने पराये तो युद्ध में मरे या अपने हो तो पलायन कर जायेंगें, भ्रमित होने के काण वह निर्णय नहीं कर रहा था और यहीं से गीता ज्ञान का जन्म हुआ, गहोई वैश्य समाज के द्वारा संस्कारों की नींव मजबूत करने गीता ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर बच्चों को गीता से जोडऩे का अनूठा कार्य किया गया है और इसमें बच्चों व बड़ों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर गीता ज्ञान के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया यह अन्य लोगों को भी सीख देगा।

उक्त उद्गार व्यक्त कि वरिष्ठ साहित्यकार व संघ से जुड़े पुरूषोत्तम गौतम ने जो स्थानीय नालंदा एकेडमी में आयोजित गहोई वैश्य समाज समिति द्वारा गीता जयंती के अवसर पर आयेाजित प्रतियोगिता के प्रतिभागियों के लिए आयोजित पुरूस्कार वितरण समारोह कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापम सदस्य आलोक एम.इंदौरिया ने की जिन्होंने अपने गीता जयंती के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मंदिर जरूर जाना चाहिए ताकि यह भाव आप से बच्चों में भी आए और संभव हो प्रतिदिन गीता के 02 श्लोकों का अध्ययन भी जरूर किया जाए ताकि घर-घर में गीता ज्ञान का समावेश हो सके।

 इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों में चैम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त अध्यक्ष राहुल गंगवाल, गहोई वैश्य समाज अध्यक्ष शिवशंकर सेठ, चौरासी क्षेत्रीय गहोई महिला सभा अध्यक्षा श्रीमती ज्योति अनिल डेंगरे, कार्यक्रम संयोजक ओ.पीनीखरा व आयोजक जयप्रकाश चौधरी एवं राजेन्द्र गुप्ता (सेठ)मौजूद रहे। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ गीता उपदेश चित्र व मैथिलीशरण गुप्त के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण कर हुआ। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मंगला सेठ के द्वारा किया गया जबकि आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक ओ.पी.नीखरा ने व्यक्त किया। 

कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने के लिए आयोजक राजेन्द्र गुप्ता सेठ व जयप्रकाश चौधरी के द्वारा कार्यक्रम की स्मृतियों को संजोने के लिए अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए जिसमें अतिथिद्वयों सहित निर्णायक सुरेश शर्मा एवं श्रीमती प्रेमलता नीखरा, पूर्व अध्यक्ष मनोज बड़ेरिया, गीता प्रतिष्ठानम संस्थान के केन्द्रीय संठगन मंत्री विष्णु शर्मा व नालंदा एकेडमी संचालक अक्षत बंसल का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। 

इस अवसर पर गहोई वैश्य समाज के समिति सचिव रामनारायण निगौती, रामेन्द्र मोर, भारतभूषण नीखरा, मनोज बड़ैरिया, रवि बड़ेरिया, सुरेश सेठ, मुकेश खंताल, जितेन्द्र गेड़ा, श्रीमती नीलम गेड़ा, सुनीता कनकने, सुमन बरसैंया आदि महिला मंडल व अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में आयोजक राजेन्द्र गुप्ता सेठ के द्वारा आए हुए सभी आगन्तुकजनों को स्वलापाहार कराया गया।

इन प्रतिभागियों ने मारी बाजी
गहोई वैश्य समाज द्वारा आयोजित गीता ज्ञान प्रतियोगिताऐं विभिन्न विषयों पर आधारित रही जिसमें गीता ज्ञान, गीता पाठ, गीता गायन, गीता चित्रांकन, गीता प्रश्रमंच, गीता क्विज, गीता श्लोक आदि प्रतियोगिताओं का आयेाजन किया गया। इसमें विजयी प्रतिभागियों में गीता गीत गायन में कनष्ठि वर्ग में लक्ष्य सेठ व भविष्य विलैया रहे, श्लोक पाठ प्रतियोगिता में कुं.दिव्यांशी सेठ, हर्ष चौधरी एवं निहाल सेठ विजयी रहे, गीता के 12वां अध्याय एवं 15वां अध्याय पुरूषोत्तम योग के 11 श£ोक का वाचन कंठस्थ किया गया, 

द्वितीय गीता गीत गायन प्रतियोगिता में श्रीमती प्रीति सेठ, श्रीमती हेमलता मिसुरिया, श्रीमती वंदना गुप्ता, श्रीमती प्रियंका विलैया, कुं.स्नेहा चौधरी, रामसनेही बरसैंया आदि विजयी रहे। तृतीय गीता चित्रांकन प्रतियोगिता में कुं.संस्कृति विलैया, कुं.परिधि सोनी विजयी रहे। चतुर्थ गीता प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में कुं.दिव्यांशी सेठ, लक्ष्य सेठ, निहाल सेठ, हर्ष चौधरी, संस्कृति गुप्ता विजयी रहे, वरिष्ठ वर्ग में राजेश गप्ता, श्रीमती मंगला सेठ एवं रामसनेही बरसैंया विजयी रहे,

 गीता भाषण प्रतियोगिता में विनीत सेठ, रामसनेही बरसैंया, कुु.शिवाली बरसैंया, राजेश गुप्ता विजयी रहे। सभी विजयी प्रतिभागियों को गहोई वैश्य समाज की ओर से मदन बड़कुल अध्यक्ष एवं सचिव गिरीश चौधरी द्वारा माल्यार्पण कर प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।

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