अधिकारी बोले- बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया है,पहले ऑनलाइन आवेदन करेंशिवपुरी- बीते रोज पोहरी थाना क्षेत्र के सरजापुर गांव में मिले अज्ञात नवजात को गोद लेने के लिए अनेक निसंतान लोग आगे आये है। कुछ लोग अस्पताल में जाकर बच्चे से मिलने पहुंचे तो कुछ लोग आवेदन लेकर बाल संरक्षण कार्यालय में पहुंचे। जहां बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने उन्हें बच्चा गोद लेने की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी। बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. शर्मा ने बच्चा गोद लेने की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति जो बच्चे को गोद लेना चाहता है, वह केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के पोर्टल पर पंजीयन करा सकते है। अधिक जानकारी के लिये जिला बाल संरक्षण कार्यालय, बाल कल्याण समिति अथवा किसी भी बाल देखभाल संस्था में संपर्क किया जा सकता है।
दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया
बाल देखभाल संस्थाओं में निवासरत अनाथ, बेसहारा एवं परित्यक्त बच्चों को गोद लेने के लिये कारा के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद अपने उम्र, निवास, स्वास्थ्य, विवाह आदि के प्रमाण पत्रों को नजदीकी शिशुगृह में सत्यापन के लिये जमा करना होता है। उसके बाद गोद लेने वाले परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि की जांच की जाती है। जिसमें उस परिवार के स्वास्थ्य, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जाता है।
जांच के बाद प्रतीक्षा क्रम आने पर विकल्प अनुसार बालक या बालिका उन्हें कारा के द्वारा आवंटित किया जाता है। जिसे वह बताए गए शिशुगृह से प्राप्त कर सकते है। एडॉप्शन का अंतिम आदेश जिला न्यायालय द्वारा दिया जाता है। दत्तकग्रहण बच्चे को जैविक परिवार से भिन्न परिवार की सदस्यता देता है। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद बच्चा अपने जैविक परिवार से अधिकारिता खोकर दत्तकग्रहीता परिवार में जैविक परिवार की भांति सभी अधिकार प्राप्त करता है।
अनचाहे बच्चों को समर्पित करें
खुद की गलती को छुपाने के लिए नवजात को फेंकना दूसरी बड़ी गलती है। कानून में अनचाहे नवजातों को समर्पित करने का प्रावधान है, जो गोपनीयता के साथ होता है। नवजात के जीवन को जोखिम में डालना गंभीर अपराध है और समर्पण वैधानिक प्रक्रिया है। ध्यान रखें, आपका अनचाहा बच्चा किसी दूसरे परिवार की खुशियां बन सकता है।
राघवेंद्र शर्मा
बाल संरक्षण अधिकारी, (मबावि) शिवपुरी
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