शिवपुरी/खनियाधाना-शहीद चंद्रशेखर आजाद की सृमति में सीतापठा मेला प्रांगण पर आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ में कथा के पांचवे दिन की कथा पंडित वासुदेव नंदिनी भार्गव ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म महोत्सव की कथा का श्रवण कराया एवं भगवान की बाल लीलाओं का श्रवण कराते हुए उखल लीला को बड़े ही आध्यात्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान उखल से इसलिए नहीं बंधे कि मैया को क्रोध आया और कृष्ण को बांध दिया, अपितु लीला का उद्देश्य यमलार्जुन पर कृपा करना था, इसलिए भगवान उखल से बंधे। ठाकुर जी अपने भक्तों के लिए कितना कुछ कर देते है ,भगवान कहते हैं यदि भक्त के हित के लिए किसी खल से भी पाला पड़ जाए तो मैं उसे भी झेल लेता हूं। आज पांचवें दिवस कि कथा मैं,कृष्ण लीलाओं की कथा का सैंकड़ों की संख्या मैं भक्तौं नै कथा का रसपान किया।
शिवपुरी/खनियाधाना-शहीद चंद्रशेखर आजाद की सृमति में सीतापठा मेला प्रांगण पर आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ में कथा के पांचवे दिन की कथा पंडित वासुदेव नंदिनी भार्गव ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म महोत्सव की कथा का श्रवण कराया एवं भगवान की बाल लीलाओं का श्रवण कराते हुए उखल लीला को बड़े ही आध्यात्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान उखल से इसलिए नहीं बंधे कि मैया को क्रोध आया और कृष्ण को बांध दिया, अपितु लीला का उद्देश्य यमलार्जुन पर कृपा करना था, इसलिए भगवान उखल से बंधे। ठाकुर जी अपने भक्तों के लिए कितना कुछ कर देते है ,भगवान कहते हैं यदि भक्त के हित के लिए किसी खल से भी पाला पड़ जाए तो मैं उसे भी झेल लेता हूं। आज पांचवें दिवस कि कथा मैं,कृष्ण लीलाओं की कथा का सैंकड़ों की संख्या मैं भक्तौं नै कथा का रसपान किया।
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