थाना कोतवाली में की मामले की शिकायतशिवपुरी- दमोह निवासी महिला वंदना पत्नि अमित सिरवैंया के द्वारा अपनी 6 वर्षीय बालिका की तलाश को लेकर शिवपुरी तक आ गई और यहां पुलिस थाना कोतवाली पहुंचकर जेल अधीक्षक पर पुत्री के गायब होने को लेकर आरोप लगाए साथ ही पुत्री वापिसी की गुहार लगाई जबकि इस मामले में जेल अधीक्षक का कहना है कि मामला पारिवारिक है।
दमोह से शिवपुरी आई महिला वंदना पत्नि अमित सिरवैंया ने पुलिस थाना कोतवाली में अपने शिकायती आवेदन में बताया कि उसका विवाह 21.5.2002 को हिन्दू रीतिरिवाज के साथ दमो में अमित पुत्र मदनमोहन सिरवैंया निवासी टीकमगढ़ के साथ संपन्न हुई थी विवाह के पश्चात दो पुत्र आर्य उम्र 18 वर्ष व ईशान उम्र 13 वर्ष एवं एक पुत्री आरोपी उम्र 6 वर्ष है। इसी बीच आए दिन पति के द्वारा मारपीट व दहेज की मांग को लेकर पुलिस थाने में धारा 498ए,323 भादंवि का अपराध भी पंजीबद्ध कराया गया था लेकिन पारिवारिक समझाईश के बाद वंदना ने इस मामले में राजीनामा कर लिया
बाबजूद इसके पति अमित सिरवैंया के जीवन में कोई सुधार नहीं हुआ और वह आए दिन शराब का आदि होकर मारपीट की घटना करता रहता। इससे तंग आकर वंदना बीते 5 वर्षों से अपने मायके में बच्चों के साथ रह रही है लेकिन तभी बीती 21.9.21 को एकाएक अमित सिरवैंया द्वारा चोरी से उसकी 6वर्षीय बालिका आरोपी को घर से बिना बताए उसके जन्मदिन पर घुमाने के बहाने ले गया और तब से पुत्री गायब है।
जब वंदना के द्वारा बालिका को टीकमगढ़ ससुरालीनों के बीच तलाशा तो बालिका नहीं मिली तभी किसी ने बताया कि आरोपी अमित सिरवैंया के छोटे भाई विदित सिरवैंया जो कि जेल अधीक्षक शिवपुरी है उनके पास मौजूद है। इस पर वंदना जिला मुख्यालय स्थित जेल परिसर पहुंची जहां उसे उसकी पुत्री नहीं मिली और पुत्री ना मिलने को लेकर जेल अधीक्षक पर वंदना के द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए जिसमें बालिका को छुड़़ाने की गुहार को लेकर उसकी जान की खतरा भी वंदना ने बताया है इसलिए पुत्री की सकुशल वापिसी की मांग को लेकर थाना कोतवाली में महिला वंदना ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला विवेचना में ले लिया है।
इनका कहना है-
यह मेरे भाई और भाभी के बीच पारिवारिक मामला है मेरे पास आरोपी नहीं है उसके पिता अमित के पास है जबकि जेल पर आकर स्वयं वंदना, आरोही को तलाश कर ले गई, अब यदि पुत्री अपनी मॉं के पास ना रहकर पिता के साथ रह रही है और मॉँ को पुत्री चाहिए तो वह न्यायालय के माध्यम से बालिका को प्राप्त कर सकती है।
विदित सिरवैंया
जेल अधीक्षक, सर्किल जेल, शिवपुरी
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