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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Thursday, March 10, 2022

छात्रों ने किया मृदा परीक्षण व जाना मृदा के तत्वों को


शिवपुरी-
गीता पब्लिक स्कूल के भूगोल  में रुचि रखने वाले छात्रो ने अलग-अलग तरह की मिट्टी के परीक्षण किये एवं मृदा में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानकारी ली। स्कूल के एग्रीकल्चर संकाय के अध्यापक दशरथ यादव से छात्रों ने जाना कि मिट्टी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी को कैसे निकाला जाता है। पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म तत्वों के बारे में समझा और मृदा नमूने में से कार्बनिक पदार्थ निकालना सीखा। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि एवं विकास रुक जाता है। कुछ पोषक तत्व  वायुमंडल से मिलते हैं  तथा बाकी के पोषक तत्वों को खाद एवं उर्वरकों के द्वारा दिया जाता है। मिट्टी परीक्षण से  किसानों को भूमि में पोषक तत्वों की कमी का पता चलता है।

किसी को भी पोषक तत्वों की आपूर्ति करने वाले उर्वरकों का चयन करने से पहले फसल की आवश्यकताएँ, बुआई का क्षेत्र, पौधों के बीच की दूरी या पौधों की संख्या; सिंचाई के स्रोत और मिट्टी के गुणों पर विचार करना चाहिए. मिट्टी के गुणों को मुख्य रूप से भौतिक, जैविक और रासायनिक में बांटा जा सकता है. मिट्टी के एक नमूने का विश्लेषण कर इसके संघटकों के बारे में और फिर भौतिक स्थिति के बारे में जानने के लिए किया जा सकता है, इसमें मौजूद सूक्षम्जीवों की संख्या का पता लगाकर इसके जैविक शक्ति और पोषक स्तर, पीएच के बारे में जाना जा सकता है, पीएच के बारे में जानकर इसकी रासायनिक प्रकृति ज्ञात की जा सकती है, मिट्टी की जाँच के मुख्य रूप से चार चरण होते हैं, नमूना लेना(विश्लेषण करना)परिणामों की व्याख्या करना और अंत में अनुशंसा याने सिफारिश करना. मिट्टी की जाँच इसकी उर्वरता के स्तर का निर्धारण करने में मदद कर सकती है, और पोषक तत्वों के कमी, संभावित विषाक्त पदार्थों और ट्रेस मिनरल की उपस्थिति की पहचान कर सकती है। 

इन तथ्यों की पहचान हमें विभिन्न भागों में मिट्टी की गुणवत्ता में ह्रास के विभिन्न चरणों को पहचानने में मदद कर सकती है। यदि हम सूचना एकत्र करते हुए नियमित रूप से विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान देते रहें, तो हम के चयन के अनुसार बेहतर फसल योजना और उर्वरक प्रबंधन विकसित कर सकते हैं। इस तरह मृदा परीक्षण किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है जिसके जरिए किसान मृदा के गुणों की जानकारी लेकर सही फसल का चुनाव पर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

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