शिवपुरी- जनसुनवाई में अपने ही बेटे-बहू को भरण-पोषण ना करने वाली मॉं के खिलाफ उसकी ही बहू व बेटों ने शिकायत दर्ज कराई है। यहां कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे प्रार्थी शीला पत्नि दिनेश व राकेश एवं मनीराम जाति केवट निवासी टोड़ा पिछोर तह. करैरा ने बताया कि वह अपने भरण-पोषण व पैतृक संपत्ति में अपना अधिकार चाहते है यहां मॉं सुमित्रा बाई पत्नि नाथूराम केवट निवासी टोड़ा पिछोर के पुत्रगण राकेश, मनीराम एवं सुनील है। प्रार्थिया की सासो मॉं दिनांक 30.11.2021 रसोईया के पद पर छात्रावास करैरा से रिटायर्ड हो चुकी है रिटायरमेंट के समय प्रार्थिया की सासों मॉं को 39,000 रूपये वेतन प्राप्त होता था। यहां प्रार्थिया की सासो मॉं विधवा शीला देवी का पति 6 वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो गया था तब से वह मजदूरी कर रही है तथा अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है। शासन के नियमानुसान प्रार्थिया शीला देवी अपनी सासो मॉं सुमित्राबाई से कई बार भरण-पोषण हेतु व घर का खर्च चलाने हेतु राशि की मांग करती रही परन्तु प्रार्थिया की सासो मॉं ने कोई भी राशि उसे आज तक प्रदान नहीं की गई है जो शासन के नियमों के विपरीत है। इन हालातों में प्रार्थिया ने जनसनुवाई के माध्यम से अपने परिजनों के भरण-पोषण व पैतृक संपत्ति में अधिकार प्राप्त करने हेतु शिकायत की है और भरण-पोषण हेतु राशि दिलाई जावे ऐसी गुहार लगाई है।
शिवपुरी- जनसुनवाई में अपने ही बेटे-बहू को भरण-पोषण ना करने वाली मॉं के खिलाफ उसकी ही बहू व बेटों ने शिकायत दर्ज कराई है। यहां कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे प्रार्थी शीला पत्नि दिनेश व राकेश एवं मनीराम जाति केवट निवासी टोड़ा पिछोर तह. करैरा ने बताया कि वह अपने भरण-पोषण व पैतृक संपत्ति में अपना अधिकार चाहते है यहां मॉं सुमित्रा बाई पत्नि नाथूराम केवट निवासी टोड़ा पिछोर के पुत्रगण राकेश, मनीराम एवं सुनील है। प्रार्थिया की सासो मॉं दिनांक 30.11.2021 रसोईया के पद पर छात्रावास करैरा से रिटायर्ड हो चुकी है रिटायरमेंट के समय प्रार्थिया की सासों मॉं को 39,000 रूपये वेतन प्राप्त होता था। यहां प्रार्थिया की सासो मॉं विधवा शीला देवी का पति 6 वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो गया था तब से वह मजदूरी कर रही है तथा अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है। शासन के नियमानुसान प्रार्थिया शीला देवी अपनी सासो मॉं सुमित्राबाई से कई बार भरण-पोषण हेतु व घर का खर्च चलाने हेतु राशि की मांग करती रही परन्तु प्रार्थिया की सासो मॉं ने कोई भी राशि उसे आज तक प्रदान नहीं की गई है जो शासन के नियमों के विपरीत है। इन हालातों में प्रार्थिया ने जनसनुवाई के माध्यम से अपने परिजनों के भरण-पोषण व पैतृक संपत्ति में अधिकार प्राप्त करने हेतु शिकायत की है और भरण-पोषण हेतु राशि दिलाई जावे ऐसी गुहार लगाई है।

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