बाल विवाह का मामला सामने आने पर होगी कार्यवाहीशिवपुरी-अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाह आयोजनों में कोई बाल विवाह न हो इसको लेकर कलेक्टर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने जिला स्तर, विकासखंड स्तर और पंचायत स्तर पर निगरानी दलों का गठन किया है। यह दल हर विवाह आयोजन की निगरानी करेंगे। निगरानी दल वर-बधू के उम्र के प्रमाण पत्रों की जांच करेगा। जांच के पश्चात विवाह रोकने के प्रयास करेगा। यदि चोरी छिपे बाल विवाह किया तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बाल विवाह निषेध कानून के अनुसार बाल विवाह का आयोजन करने वाले के साथ हीए उसमें किसी भी प्रकार का सहयोग करना, उसमें शामिल होना या जानकारी होने पर उसे छुपाना भी दंडनीय माना गया है। इन सभी के लिए कानून में 3 साल की जेल और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
निगरानी दलों का गठन किया
जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में निगरानी दल का गठन किया गया है। विकासखंड पर एसडीएम की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया है। पंचायत स्तर पर सरपंचए पंचायत सचिवए पटवारीएस्कूल के शिक्षकएमातृ सहयोगिनी समिति के सदस्यए शौर्यादलए स्व सहायता समूह के सदस्योंए आंगनबा?ी कार्यकर्ता सहायिका एवं आशा कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। अगर बाल विवाह संपन्न हुआ तो दल सदस्यों की जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
सूचनाओं के लिए जिले कंट्रोल रूम बनाया
बाल विवाह की सूचनाओं हेतु जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम नंबर 07492356995 तथा 9425756400 है। चाइल्ड लाइन नंबर 1098 महिला हेल्पलाइन 181 या पुलिस को 100 नम्बर पर भी सूचित किया जा सकता है। सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
इस अपराध को मिटाना है
बाल विवाह के अनेकों दुष्प्रभाव हैए इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। अपने आसपास के हर विवाह आयोजन को जांचें कि वह बाल विवाह तो नहीं है। हम सभी की मिलकर इस संगठित अपराध को मिटाकर बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण करना है।
राघवेंद्र शर्मा
बाल संरक्षण अधिकारी, जिला शिवपुरी

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