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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Sunday, May 8, 2022

मातृ दिवस पर मंगलम वृद्धाश्रम में रहने वाली माताओं बांटे उपहार


शिवपुरी।
मातृ दिवस 2022 की शुरुआत सबसे पहले साल 1908 में अमेरिका से हुई थी। 1908 में ग्रेफट्न के एंड्रयूज मेथॉडिस्ट चर्च में पहली बाद मातृ दिवस का आयोजन किया गया आज 8 मई की तारीख दुनियाभर के लिए बेहद खास है। आज पूरी दुनिया में मातृ दिवस  मनाया जाता है इसी के तहत शक्ति शाली महिला संगठन ने मंगलम  वृद्ध आश्रम में मनाया । प्रोग्राम में रवि गोयल ने कहा की  मातृ दिवस को हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इसका मकसद दुनियाभर की माताओं द्वारा बिना शर्त प्यार और उनके द्वारा अपने बच्चों के लिए किए गए प्रत्येक बलिदान को याद करना है। 

इस अवसर पर सभी लोग अपनी जिन्दगी में मां या मां का किरदार अदा करने वाली महिलाओं को उनके त्याग और समर्पण के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। इसीलिए इन माताओं को संस्था ने आज के प्रोग्राम के लिए क्यों की आज कल पूरा सोसल मीडिया मातृ दिवस से भरा पड़ा है लेकिन जब हमने वृद्ध आश्रम की माताओं से बात की तो इन सबके बच्चो ने माताओं का त्याग बलिदान सब भुला दिया बस थोड़ा जोर पड़ा और माताओं यहां छोड़ गए जबकि आज का दिन माताओं के त्याग एवम बलिदान के प्रति मां का धन्यवाद ज्ञापित करने का है। 

मंगलम के संयुक्त सचिव राजीव श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा की एन रीव्स जार्विस एक अमेरिकी महिला थी। उन्होंने अपने जीवनकाल महिलाओं को इस बात के लिए जागरूक करने में बिताया कि उन्हें कैसे अपने बच्चों का पालन-पोषण करना चाहिए। प्रोग्राम में राजीव श्रीवास्तव, रवि गोयल, अमित मंगल, धर्म गिरी  केयर टेकर राखी सैन के साथ वृद्ध आश्रम में रहने वाली माताओं ने भाग लिया। सब माताओं को पानी पीने के लिए बोतल उपहार स्वरूप प्रदान की।


शिव योगा शिक्षा संस्थान ने मातृ-दिवस पर बताया पूजन का महत्व
समाजसेवी संस्था शिव योगा शिक्षा संस्थान के द्वारा स्थानीय मुक्तिधाम मार्ग स्थित कार्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर माता-पिता के पूजन का महत्व बताया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में मातृ दिवस के मौके पर प्रकाश डालते हुए शिव योगा शिक्षा संस्था के अध्यक्ष सत्येन्द्र सिं सेंगर ने बताया कि एक मॉं ही है जो अपने त्याग और समर्पण को प्रदर्शित नहीं करती लेकिन उसके इस परित्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता, महिला दिवस के अवसर पर अपने माता-पिता का पूजन करना ही इस दिन की सार्थकता को सिद्ध करता है इसलिए इस संसार में आने वाले प्रत्येक प्राणी को अपने माता-पिता के पूजन के साथ महिला दिवस मनाना चाहिए, क्योंकि वही होते है जो हमें इस संसार में जीना सिखाते है। इस दौरान संस्था के वीरेन्द्र माथुर ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए मातृ दिवस पर मातृत्व जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में में आस्था प्रयास समाजसेवी संस्था की अध्यक्षा श्रीमती मधु सेंगर भी मौजूद रही जिन्होंने संस्था के इस द्वारा मनाए जा रहे मातृ दिवस कार्यक्रम में माताओं को अपनी ओर से उपहार भेंट किए।

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