मानसिक तनाव से बचने विशेषज्ञ चिकित्सक ने दी महत्वपूर्ण सलाह, बचें मानसिक अवसाद से
शिवपुरी-जब सृष्टि निर्माता ने मनुष्य-कीट, जीव-जन्तु का निर्माण किया तब उन्हें एक समान नहीं बनाया तो फिर मनुष्य के विचारों एक समानता कैसे होगी? ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे को सम्मान देना चाहिए, क्रोध आए तो उसे नियंत्रण में रखना चाहिए, अक्सर देखा गया है कि जब कोई किसी की बात को नहीं सुनता तो उसका उल्टा जबाब दे दिया जाता है बाद में वाद-विवाद होता है और इस विवाद में व्यक्ति इतना ग्रसित हो जाता है कि वह तनाव में घिर जाता है और फिर वह मानसिक अवसाद का शिकार हो जाता है, ऐसे में इस संसार में अनेकों लोग है जो बाहरी रूप से तो स्वस्थ नजर आते है लेकिन मानसिक रूप से वह अवसाद में घिरे हुए है इसलिए ऐसे विचारों और अपनी बातों को दूसरों पर थोपने से बचें, बहस-बाजी ना करते हुए सामान्य बात को स्वीकार कर अपना मुख बदलें तो इस मानसिक अवसाद से बचा जा सकता है।
मानसिक अवसाद के बारे में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी कि सेवानिवृत्त शासकीय एनेस्थिस्यिा विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.व्ही.सी. गोयल ने जिन्होंने मानसिक अवसाद से बचने को लेकर आमजन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी अपने विचारों के माध्यम से दी। डॉ.व्ही.सी. गोयल ने उदाहरणों के माध्यम से बताया है कि मैं स्वयं एक चिकित्सक हूंू और अपेक्षा करता हॅू कि मेरा बालक भी चिकित्सक बनें लेकिन उसके विचारों से वह चिकित्सक बनना नहीं चाहता वह अन्य फील्ड में जाना चाहता है, इसे लेकर यदि मैं और मेरा पुत्र बहस-बाजी करके जबरन पुत्र को चिकित्सक बनने पर अड़ जाए तो यह पुत्र के मन की बात नहीं होगी और निश्चित रूप से वह जबरन इस कार्य क्षेत्र में आएगा लेकिन उसका मन नहीं लगेगा।
ऐसे में अनेकों ऐसे लोग है जो आए दिन अपने मन का काम अपनों से कराना चाहते है जबकि वह उस कार्य में रूचि ही नहीं लेते और यहीं से वाद-विवाद और अवसाद शुरू होता है इसलिए इस तरह के व्यवहार से बचें और जो जिस फील्ड में जाना चाहे उसे जाने दीजिए, अपने मन की करने दीजिए निश्चित रूप से ऐसा होगा तो आप स्वत: ही इस मानसिक अवसाद से बचेंगें और दूसरों को भी यही संदेश देंगें।

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