Responsive Ads Here

Shishukunj

Shishukunj

Saturday, December 23, 2023

क्षेत्र में सक्रियता का लाभ मिला करैरा विधायक रमेश खटीक को


जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना एक मात्र लक्ष्य

शिवपुरी-जिले की करैरा विधानसभा पर एक बार फिर से रमेश खटीक को दुबारा जनता ने चुना है। हालांकि हुई मतगणना के दौरान वह हरेक राउण्ड में पीछे रहे लेकिन आखिरी के दो राउण्डों में उन्होंने ऐसी बढ़त बनाई कि अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार प्रागीलाल जाटव को 3 हजार से अधिक मतों से पराजित कर विजय हासिल की। रमेश खटीक यूं तो करैरा क्षेत्र में उनकी सक्रिय, सरल, सहज और भाजपा में पुराने चेहरे के तौर पर पहचाना जाता है इसके अलावा वर्ष 2018 में वह सपाक्स पार्टी से चुनाव लड़े और पराजित हुए तब यहां कांग्रेस का विधायक जसवंत जाटव बनें लेकिन जसवंत जाटव केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक थे तब वह सिंधिया के साथ वर्ष 2020 के उप चुनाव में लड़े और तब रमेश खटीक भी भाजपा में शामिल हो गए लेकिन इस उप चुनाव में जसवंत जाटव को कांग्रेस के प्रागीलाल जाटव ने पराजित कर दिया। 

अब जब रमेश खटीक वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सामने आए तो उन्होंने अपनी सफलता का परिणाम दिखाया। करैरा क्षेत्र के विकास के लिए विधायक बने रमेश खटीक के पास अनेकों चुनौतियां है यहां भले ही सोनचिरैया अभ्यारण्य खत्म हो गया हो बाबजूद इसके रोजगार, खेती और बेहतर शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की करैरा विधानसभा में दरकार है। इसे लेकर वह भाजपा सरकार में जनता की समस्याओं को निश्चित समय सीमा में पूर्ण कर दिखाऐंगें, ऐसा विश्वास जताया गया है। करैरा विधानसभा की यदि बात करें तो यहां लगातार लोगों ने ऐसे प्रत्याशी को जिताया है जो कहीं ना कहीं लोगों के बीच अपने आपको स्थापित कर पाया, हालांकि विधायक बने रमेश खटीक भी लोगों के बीच हमेशा रहे लेकिन वर्ष 2018 में जब उन्हें विधानसभा टिकिट नहीं मिला तो उन्हेांने सपाक्स से चुनाव लड़ा, इसके बाद जब वह पुन: भाजपा में आए तो उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी भाजपा पार्टी ने दिया, जिससे वह लोगों के बीच अपने आपको स्थापित कर पाए और एक सशक्त भाजपा नेता के रूप में पहचाने जाने लगे। 

भाजपा के रमेश खटीक को चुनाव से करीब 1 माह पहले ही उम्मीदवार घोषित कर दिया गया तो वह लोगों के बीच पहुंचे और भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को बताते हुए चुनाव मैदान में कूदे, यहां भी लाड़ली बहिनों ने अपने भाई के रूप में भाजपा को समर्थन दिया और आखिरी वक्त में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रागीलाल जाटव को पराजित करते हुए रमेश खटीक भी यहां करैरा से दूसरी बार विधायक चुने गए और अब जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही उनका एक मात्र लक्ष्य है।

No comments:

Post a Comment