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Saturday, May 4, 2024

सागर / नाबालिग के साथ छेडछाड़ करने वाले आरोपी को 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड


सागर
। नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी राजकुमार उर्फ रचकू पटैल को भा.द.वि. की धारा- 454 के तहत 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड , धारा- 354 के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड तथा पॉक्सों एक्ट की धारा- 7/8 के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा से तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की अदालत नेे दंडित किया।  मामले की पैरवी प्रभारी उप-संचालक (अभियोजन) श्री धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन ने की ।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि षिकायतकर्ता/पीड़िता ने दिनांक 24.09.2023 को थाना नरयावली में इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 23.09.2023 को उसकी रितेदारी में कोई खत्म हो गया था तो उसके माता पिता वहॉं गये थे। घर पर वह तथा उसका छोटा भाई था । दोपहर करीब 1-2 बजे के बीच वह उसके घर के बाहर बैठ कर बर्तन धो रही थी तभी अभियुक्त राजकुमार उर्फ रचकू पटैल आया और अभियुक्त ने उसका सीधा हाथ बुरी नियत से पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा तो वह चिल्लाई तो अभियुक्त वहां से भाग गया। शाम को उसके माता-पिता के घर आने पर पूरी घटना उनको बताई। उक्त रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, 

विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-नरयावली द्वारा धारा 354,354(क) ,454 भा.दं.सं. एव धारा 7/8 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया।अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। जहॉ विचारण उपरांत तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी कोदोषी करार देते हुये उपर्युक्त सजा से दंडित किया।  

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