स्वामी विवेकानंद ने किया सोए भारत के स्वाभिमान को जागृत : रचना दीदीशिवपुरी- विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा शिवपुरी द्वारा 11 सितंबर विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शास. पीजी कॉलेज शिवपुरी में विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी मध्य भारत प्रांत की प्रांत संगठक सुश्री रचना जानी, मुख्य अतिथि डॉ किशन यादव कुलगुरु तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना, कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश चंद्र शुक्ला अपर कलेक्टर शिवपुरी, सारस्वत अतिथि डॉ पवन कुमार श्रीवास्तव प्राचार्य प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शिवपुरी, गोपाल कृष्ण सिंघल नगर संचालक विवेकानंद केंद्र शिवपुरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ तीन ओंकार प्रार्थना एवं प्रेरणा गीत के साथ किया गया। स्वागत उद्बोधन में बोलते हुए नगर प्रमुख विवेकानंद केंद्र शिवपुरी प्रो दिग्विजय सिंह सिकरवार ने बताया कि 11 सितंबर वह दिन है जिस दिन स्वामी विवेकानंद ने भारत को आध्यात्मिक विश्व गुरु के रूप में विश्व में स्थापित किया। स्वामी जी के विचारों से हम सभी प्रेरणा ले सके एवं उनके विचारों से युवा जुड़े इसी भावना से विवेकानंद केंद्र कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विवेकानंद केंद्र की मध्य प्रांत संगठक सुश्री रचना दीदी ने वर्तमान समय में स्वामी विवेकानंद जी के विचारों की प्रासंगिकता को परिभाषित करते हुए बताया कि जब हम पराधीन थे उन परिस्थितियों में स्वामी जी ने शिकागो की धर्म सभा में सनातन संस्कृति से पूरे विश्व को परिचित कराया। जिन स्वामी जी को धर्म सभा में सुनने के लिए लोगों को स्थान नहीं मिल पाता था इतनी भीड़ रहती थी। आज के दौर में उन विचारों से हम अपने बच्चों को संस्कारित करे यह हमारी ही जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार नगर संपर्क प्रमुख विवेक जैन द्वारा किया गया।कार्यक्रम में विभाग साहित्य सेवा प्रमुख विपिन शर्मा, विभाग संपर्क प्रमुख शिशुपाल सिंह जादौन, सह नगर संघचालक प्रमोद पांडे, सह नगर संचालक नरेंद्र दीक्षित, हरिहर शर्मा, एल डी गुप्ता, बीरेंद्र शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता,मुकेश जैन, सुरेश शर्मा, नरेंद्र श्रीवास्तव,विभा रघुवंशी, अक्षत वंशल,राजेश गोयल, धैर्यवर्धन शर्मा, भरत अग्रवाल,मुकेश चौहान, सुषमा पांडे,दीक्षा पांडे,अशोक शर्मा सहित समाज के प्रबुद्धजन, प्राध्यापक गण एवं केंद्र कार्यकर्ता तथा छात्र छात्राएं द्वारा सहभागिता की गई। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ किया गया।


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