अध्यात्म-रस में झूमते नजर आए श्रोता
भोपाल। आमतौर पर युवाओं को किसी डिस्को में संगीत की धुनों पर झूमते हुए देखा जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार की शाम हुए अपने किस्म के एक अनूठे कार्यक्रम में युवा भजनों पर नाचते और झूमते हुए नजर आए। करीब ढाई घंटे तक अनवरत चले इस कार्यक्रम में पाश्चात्य धुनों पर भजनों व कीर्तन की प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोह लिया।
पं. खुशीलाल कॉलेज ऑडिटोरियम में हुए भारत में अपनी तरह के इस पहले भव्य भजन कंसर्ट ‘नादात्म’ में युवा कलाकारों की मोहक प्रस्तुति ने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। युवा से लेकर बुजुर्ग तक भजनों की धुनों पर थिरकते झूमते रहे।
कार्यक्रम के आयोजक फ्लायबाय स्टूडियो के आरव कान्ह शर्मा ने बताया कि संगीत और अध्यात्म को नए तरीके से प्रस्तुत करने की दृष्टि से यह देश का अनूठा आयोजन था। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना था, जिसमें हम पूरी तरह सफल रहे।
भजन कंसर्ट में कृष्णा शुक्ला, गौरव तिवारी और सत्यराज मिश्रा की गायकी ने समा बांध दिया। प्रसिद्ध कवयित्री मनु वैशाली की ‘कृष्ण’ पर संगीतमय प्रस्तुति को भी श्रोताओं ने बहुत सराहा।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, सुनील पांडे, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, माखनलाल विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी सहित राजनीतिक, प्रशासनिक व सामाजिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। सभी ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक और भक्ति परंपरा को नए स्वरूप में प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
टीम फ्लाईबाय
आरव कान्हा शर्मा
सुशील कुमार
श्रेष्ठ पवार
राहिल शर्मा
संदीप चौधरी
अभय वर्मा
बैंड सदस्य
सार्थक रैकवार - ड्रम्स एवं सैम्पलर
अमित हवेलिया - बास गिटार
ऋतुल हज़ारिका - लीड गिटार
करण मूरजानी - कीबोर्ड्स
मूलचंद तिरैया - तबला एवं हैंडसॉनिक
हर्ष - फ्लूट
दीपांशु मेहरा - एकॉस्टिक गिटार
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