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Monday, February 9, 2026

राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन 2026: रामराजा मल्टीस्टेट एग्रो को मिला बेस्ट को-ऑपरेटिंग अवॉर्ड, कार्य.अध्यक्ष संजय पहारिया ने ग्रहण किया अवार्ड





राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन 2026 में बुंदेलखंड मॉडल को मिली राष्ट्रीय मान्यता

शिवपुरी-देश को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आयोजित राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन 2026 में बुंदेलखंड क्षेत्र का कृषि मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। 6 से 8 फरवरी तक नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित इस सम्मेलन में रामराजा मल्टीस्टेट एग्रो को-ऑपरेटिव सोसाइटी को उत्कृष्ट कार्यों के लिए बेस्ट को-ऑपरेटिंग अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इंडियन सोसाइटी ऑफ ऑयलसीड्स रिसर्च द्वारा, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में प्रदान किया गया।

सम्मान रामराजा मल्टीस्टेट एग्रो के कार्यकारी अध्यक्ष शिवपुरी निवासी संजय पहारिया को बुंदेलखंड जैसे सूखा-प्रभावित क्षेत्र में मूंगफली उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, किसान प्रशिक्षण और टिकाऊ कृषि मॉडल विकसित करने के लिए दिया गया।  सम्मेलन में नीति, विज्ञान और किसान के समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में DARE के सचिव एवं ICAR  महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि तिलहन क्षेत्र में नवाचार और जमीनी मॉडल अपनाकर भारत खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम कर सकता है। इसके अलावा PPVFRA के चयरमैन डॉ. टी. मोहपात्र ने बेस्ट को-ऑपरेटिंग अवॉर्ड से सम्मानित किया।

IIGR  जूनागढ़ के निदेशक डॉ. एस. के. बेरा द्वारा तकनीकी बीज और वैज्ञानिक मार्गदर्शन में विशेष सहयोग दिया गया, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार रामराजा मल्टीस्टेट एग्रो द्वारा बुंदेलखंड में लागू किया गया फार्म-टू-मार्केट मॉडल, जल-संरक्षण आधारित खेती और स्थानीय प्रोसेसिंग रणनीति, देश के अन्य सूखा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी एक प्रभावी उदाहरण बन सकती है। सम्मेलन में ICAR  के विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हुए, जिनमें डॉ. आर. के. माथुर निदेशक, आईआईओआर हैदराबाद, डॉ. के. सुरेश, निदेशक, आईआईएसआर पेदावेगी, डॉ. के. एच. सिंह निदेशक इंदौर, डॉ. वी. वी. सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक, भरतपुर डॉ. संजय कुमार की उपस्थिति ने सम्मेलन को विशेष रूप से शामिल रहे।

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