शिवपुरी- यूजीसी की नीतियों के विरुद्ध दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी बुलंद आवाज दर्ज कराकर शिवपुरी का दल सुरक्षित अपने गृह नगर लौट आया है। दिल्ली पुलिस की बर्बरता, लाठियों और गिरफ्तारी का डटकर सामना करने वाले इन योद्धाओं का शिवपुरी पहुँचने पर समाजसेवियों और शुभचिंतकों ने भावपूर्ण स्वागत किया। संघर्ष की इस राह में इन सदस्यों ने जिस धैर्य और निडरता का परिचय दिया, उसकी पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। इस दौरान दिल्ली से लौटे इस प्रदर्शन में स्वागत और सम्मान के रूप में वापस लौटे जांबाजों में महेश शर्मा, शत्रुघ्न सिंह तोमर, रोहित दुबे (अधिवक्ता), अजय त्रिपाठी, भरत शर्मा, वरुण पाराशर, अशोक शर्मा, द्वारिका पाराशर, रमेंदु सिंह, मोहन दांतरे आदि के नगर आगमन पर प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा कि भले ही संघर्ष अभी जारी है, लेकिन इन साथियों ने जिस तरह दिल्ली में शिवपुरी के गौरव और सवर्ण समाज की अस्मिता की रक्षा की है, वह वंदनीय है।नेतृत्व और समर्पण की मिसाल बने ये प्रमुख चेहरे
इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली के पुलिस प्रशासन के सामने चट्टान की तरह डटे रहने वाले प्रमुख नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं, महेश शर्मा (जिला संयोजक-राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन व भृगु ब्राह्मण जिला अध्यक्ष) जिनके कुशल और साहसी नेतृत्व ने पूरी टीम को दिल्ली के तनावपूर्ण माहौल में भी एकजुट रखा। शत्रुघ्न सिंह तोमर जिन्होंने अपनी प्रखर आवाज और निडर व्यक्तित्व से जंतर-मंतर पर शिवपुरी की उपस्थिति को मजबूती से दर्ज कराया। रोहित दुबे (अधिवक्ता) जिन्होंने अपनी कानूनी सूझबूझ और जुझारू तेवरों से दिल्ली पुलिस के हर दबाव का डटकर मुकाबला किया। अजय त्रिपाठी जो पूरे समय कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहे। भरत शर्मा (सर्व ब्राह्मण समाज) व वरुण पाराशर जिन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर संगठन की शक्ति और एकता का परिचय दिया।

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